
Bokaro : शहर के सेक्टर-9 के स्ट्रीट 11 की झुग्गी में डायरिया की चपेट में आकर पिता और पुत्री की मौत हो गई, वहीं बेटे का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है. मृतक नागो रजक (50) और खुशबू कुमारी (5) दो दिनों से पीड़ित थे. दोनों को उल्टी और दस्त रात में अधिक होने लगी और एक-एक कर दोनों ने सुबह में दम तोड़ दिया. इस घटना से पूरे इलाके में हलचल मच गई. आस-पास के लोगों का जमावड़ा मृतक के घर के पास लग गया. दो दिन पहले इसी मुहल्ले के राजेंद्र प्रसाद (55) की भी मौत डायरिया से हो गयी थी.
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कई लोग हैं आक्रांत
इस मुहल्ले में कई लोग बीते एक सप्ताह से डायरिया की चपेट में हैं. जिनका इलाज पास के निजी अस्पताल में चल रहा है. अभी आरती कुमारी, चम्पा देवी, सीमंती देवी, सूरज कुमार, नेहा कुमारी, आरूषी सहित कई का इलाज चल रहा है.
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जिला स्वास्थ्य विभाग है बेखबर
बोकारो जिले का स्वास्थ्य विभाग इलाके में फैले डायरिया को लेकर बेखबर है. जबकि मुहल्ले में एक सप्ताह से स्थिति काफी खराब है. तीन दिनों में तीन लोगों की मौत जिले की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था को दर्शता है. शहर के बीच में रहनेवाले परिवारों का ऐसा हाल है तो ग्रामीण इलाकों की स्थिति कैसी होगी. इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है.
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उर्मिला देवी का उजड़ गया घर
नागो रजक और एक बेटी की मौत के बाद उर्मिला देवी का घर उजड़ गया. झोपड़ी में कपड़ा सफाई और आयरन कर नागो रजक अपन घर चलाते थे. उनकी मौत के बाद पूरा घर ही बिखर गया. एक बेटा भी डायरिया से पीड़ित है. उर्मिला को ढांढ़स देने रिश्तेदार पहुंंच गए हैं, लेकिन उनके रोने की आवाज़ से हर लोग गमगीन हैं.




