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भाजपा के डीएनए में ही है फासीवादी प्रवृति : डॉ अजय कुमार

Ranchi : कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को भावी पीएम मानने के हेमंत सोरेन के जवाब पर प्रदेश अध्यक्ष डॉ अजय कुमार ने कहा है कि यह सवाल भाजपा वालों से पूछना चाहिए. भाजपा तो लोकतंत्र में विश्वास ही नहीं करती है. उनके डीएनए में ही फासीवादी प्रवृति है. जिस तरह से भाजपा सांसदों से पूछे बिना नरेंद्र मोदी को पीएम बनाया गया. वह एक अलोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है. देशवासियों के समक्ष एक ऐसे व्यक्ति को भाजपा ने सौंप दिया, जिससे पूरा देश परेशान है. वहीं कांग्रेस शुरू से ही लोकतंत्र में भरोसा करती है. महागठबंधन में भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया से ही भावी पीएम का चुनाव किया जाएगा. मालूम हो कि रविवार को झामुमो कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने राहुल गांधी के भावी पीएम मनाने के सवाल पर कहा था कि यह एक लोकतांत्रिक सवाल है. जनता व्यक्ति को नहीं पार्टी को वोट देती है.

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डीजीपी अपने जिम्मेवारी से पल्ला झाड़ रहे हैं


सोमवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में डॉ अजय कुमार ने कहा कि राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था साबित करता है कि राजधानी में अपराधियों का तांडव बढ़ता जा रहा है. जहां मुख्यमंत्री मस्त, जनता त्रस्त है. वहीं पुलिस सुस्त, अपराधी चुस्त हैं. एक अखबार में डीजीपी डीके पांडेय के आर्थिक व्यवस्था पर दिये जवाब पर कहा कि लगता है कि ऐसा कर वे अपने जिम्मेवारी से पल्ला झाड़ रहे है. इस दौरान उन्होंने रघुवर सरकार पर चावल पर 1200 करोड़ रुपये घोटाले की बात कही.

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अपराधियों के समक्ष पुलिस हैं पूरी तरह नतमस्तक

उन्होंने कहा कि पिछले दिनों राजधानी में हत्या, लूट, दुष्कर्म, डकैती, छिनतई की घटनाएं काफी बढ़ी है. इससे पूरे राज्य में भय का महौल व्याप्त है. मुख्यमंत्री आवास के समीप हत्या, राइफल छिन्नतई एवं जहरीली शराब से लोगों की मौत की घटनाएं बताती है कि अपराधियों के समक्ष पुलिस पूरी तरह नतमस्तक है. पुलिस मुख्यालय के दिये अपराध के आंकड़े के मुताबिक एक साल में 108 हत्याओं (गत वर्ष 798) में बढ़ोतरी हुई है. वहीं 2017 की तुलना में इस वर्ष दुष्कर्म में कुल 85 (गत वर्ष 554) की वृद्धि हुई है. राज्यपाल, मुख्यमंत्री ने तो कई बार डीजीपी को कड़ी फटकार लगायी थी. इसके बाद भी अपराधिक वारदातों में लगातार बढ़ोतरी बताता है कि राज्य का कानून अंधा ही नहीं बहरा भी है.

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कामों से पल्ला झाड़ रहे हैं डीजीपी

डॉ अजय ने कहा कि डीजीपी को बिगड़ती कानून व्यवस्था पर संजीदगी के साथ काम करना चाहिए. ऐसा न कर वे राज्य को जीडीपी बढ़ने का फायदा बता रहे हैं. वे कह रहे हैं कि ग्रोथ 10 प्रतिशत का होगा, तो अपने आप नक्सलवाद व जातिवाद खत्म हो जाएगा. ऐसा कहकर डीजीपी अपने जिम्मेदारी से पल्ला तो झाड़ रहे है. साथ ही ऐसा लगता है कि ग्रोथ रेट नहीं बढ़ने के लिए पीएम, सीएम व जनप्रतिनिधि जिम्मेदार हैं. परिणाम स्वरूप नक्सलवाद, जातिवाद एवं अपराध आदि बढ़ रहे हैं.

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धान की खरीद में हुआ 1200 करोड़ का घोटाला

उन्होंने रघुवर सरकार पर चावल की खरीद में 1200 करोड़ रुपये घोटाले करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बाजार में जो चावल 22 रुपये मिल रहे हैं. राज्य सरकार उसी चावल को 32 रुपये में खरीद रही है. ऐसा कर पिछले चार वर्षों में भाजपा शासन में हर माह करीब 100 करोड़ का घोटाला हुआ है. नगड़ी में बंद हुए डीबीटी योजना को आधार बनाकर उन्होंने कहा कि यह योजना इसीलिए ही बंद की गयी थी. कारण स्पष्ट है कि योजना से ही चावल के दाम का खुलासा हुआ है. ऐसा कर खुद रघुवर सरकार ने मोदी जी के बिचौलियेपन खत्म करने पर अकुंश लगा दिया है. अब तो खुद भाजपा वाले बिचौलिये का काम करने लगे हैं.

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