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अनिश्चितकालीन धरना : नियोजन नहीं मिलने पर अपनाएंगे उग्रवाद का रास्ता

आंदोलन कर रहे ये आवेदक अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं.

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Dhanbad : वीआरएस स्कीम के तहत बीसीसीएल में नौकरी नहीं पाने वाले आवेदकों ने सोमवार को बीसीसीएल मुख्यालय कोयला भवन पर जमकर प्रदर्शन करते हुए अनिश्चितकालीन धरना पर बैठ गए. प्रदर्शन कर रहे सैकड़ों कर्मियों ने नियोजन नहीं मिलने पर उग्रवाद के रास्ते पर जाने की चेतावनी दी है. प्रदर्शन कर रहे आवेदकों ने कहा की महिला वीआरएस स्कीम सीआईएल द्वारा तीन फेज में निकाला गया. इसके तहत कुल 734 आवेदकों को नियोजन दिया गया.

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नियोजन प्रक्रिया पर लगा दी रोक

करीब 150 आवेदक को सीआईएल का हवाला देते हुए प्रबन्धन ने नियोजन प्रक्रिया पर रोक लगा दी. सीआईएल द्वारा फीमेल वीआरएस पर एक कमेटी का गठन भी किया गया. जिसके चेयरपर्सन खुद बीसीसीएल के सीएमडी एवं चारों सेंट्रल ट्रेड यूनियन के नेता इस कमेटी के सदस्य हैं. कमिटी गठन के बाद कुछ लंबित मांगों मामलों पर चर्चा हुई एवं लागू भी हुआ. परंतु बीसीसीएल द्वारा स्कीम को लागू नहीं किया गया. पिछले 4 वर्षों से यह स्कीम लंबित है और इसका निपटारा करने में बीसीसीएल आनाकानी कर रही है.

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उन्होंने कहा कि कभी सीआईएल स्टैंडर्ड स्टैंडर्डाइजेशन कमिटी तो कभी लीगल एडवाइस का झूठा आश्वासन देकर प्रबंधन आवेदकों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है. फीमेल वीआरएस स्कीम को पुराने मामलों के निष्पादन करने की मांग आवेदकों ने की है. यदि आंदोलन के बाद भी बीसीसीएल इन मामलों का निष्पादन नहीं करती तो आवेदकों ने उग्रवाद का रास्ता अख्तियार करने की चेतावनी बीसीसीएल प्रबंधन को दी है.

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नियोजन की प्रक्रिया लटकी हुई है

वक्ताओं ने कहा कि मामला हाई कोर्ट में जाने के बाद फीमेल वीआरएस स्कीम को अदालत ने गलत ठहराया है. लेकिन आवेदकों की मांग है कि हाई कोर्ट का यह फैसला साल 2018 में आया है जबकि उनकी नियोजन की प्रक्रिया पिछले तीन सालों से लटकी हुई. इस स्कीम के तहत कई आश्रितों को नियोजन मिल चुका है और वे कंपनी में अपना योगदान दे रहे हैं. ऐसे में आंदोलन कर रहे ये आवेदक अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं.

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