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Jharkhand भाजपा ने कार्यालय निर्माण संबंधी खबरों को बताया निराधार और भ्रामक

कांग्रेस, झामुमो और सरयू राय ने उठाए थे सवाल

Ranchi: प्रदेश भाजपा ने राज्य के अलग अलग जिलों में बनाये गये पार्टी कार्यालयों के संबंध में अपनी बात रखी है. पार्टी के प्रदेश महामंत्री आदित्य साहू ने रविवार को कहा कि भाजपा कार्यालय निर्माण से संबंधित मीडिया में चल रही खबरें भ्रामक एवं निराधार है. पार्टी की कार्यप्रणाली पूरी तरह से लोकतांत्रिक एवं पारदर्शी है. यह पार्टी व्यक्ति और परिवार आधारित नहीं है. इसे करोड़ों कार्यकर्ताओं ने अपने खून पसीने से सींचा है. इसी का परिणाम है कि भाजपा आज विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है.

 

सरयू राय ने उठायी है उंगली

गौरतलब है कि विधायक सरयू राय ने भाजपा कार्यालयों के निर्माण पर उंगली उठायी है. कहा है कि कार्यालयों के निर्माण में 700-1000 स्क्वायर फीट तक की कमी करके कार्यालय तैयार किये गये. 8 जिलों में बनाये गए इन कार्यालयों के जरिये भाजपा केंद्रीय नेतृत्व को भी ठगा गया. जिसके समय में राज्य में यह सब हुआ, उसे भाजपा को संरक्षण नहीं देना चाहिए.

 

झामुमो व कांग्रेस का भी सवाल

झामुमो ने भी रविवार को कहा कि भाजपा ने करप्शन के मामले में नायाब उदाहरण पेश किया है. प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य के अनुसार हजारों करोड़ खर्च करके पार्टी का (भाजपा) मुख्यालय नोटबंदी में भी तैयार किया गया. झारखंड में भी जिलों में कार्यालय बनाये गये. इसमें भी इस पार्टी के नेताओं ने 1000-2000 स्क्वायर फीट तक धोखाधड़ी करके करप्शन किया. अपनी ही पार्टी को ठगा.

 

इधर, झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने भी निर्दलीय विधायक सरयू राय के ट्वीट पर प्रतिक्रिया दी. कहा कि वर्षों तक सरयू जिस पार्टी में रहे हैं, उनकी ओर से आज एक नया खुलासा किया गया है. इस रहस्योघाट्न से भाजपा का एक और असली चेहरा सामने आ गया है. खुलासा किया गया है कि केंद्र की मदद से राज्य के  आठ जिलों में बने कार्यालय निर्माण कार्य में भी भारी घोटाला हुआ है. इस सच्चाई के सामने आने के बाद भाजपा नेताओं को कोई जवाब देते नहीं बन रहा है. जब कोरोनाकाल में पूरी दुनिया वैश्विक महामारी से जूझ रही थी, उस वक्त लोगों की सेवा की जगह भाजपा नेताओं ने आपदा में अवसर तलाशने का काम किया और अपनी पार्टी के कार्यालय निर्माण में ही भ्रष्टाचार का रिकॉर्ड बनाकर गलत बिल दिल्ली में बैठे आला नेताओं को भेज दिया. भ्रष्टाचार करने वाले इन नेताओं को रघुवर दास के शासनकाल में पैसा कमाने की इस तरह से लत लग चुकी थी कि अपने ही पार्टी के शीर्ष नेताओं को ठगने का काम किया, लेकिन अब इनकी कलई खुल चुकी है. अब यह देखना होगा कि भाजपा ऐसे लोगों पर क्या कार्रवाई करती है.

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