
Ranchi : झारखंड मुक्ति मोर्चा ने सीएम के काफिले पर हमले के लिए भाजपा को दोषी ठहराया है. पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी खुद इस केस में भाजपा का हाथ होने का प्रमाण दे रहे हैं. काफिले पर हमले को लेकर सीसीटीवी फुटेज और मीडिया कवरेज के आधार पर दोषियों, अपराधियों को पकड़ा जा रहा है.
बाबूलाल मरांडी कह रहे हैं कि भाजपा नेताओं को जानबूझ कर इस मामले में पकड़ा जा रहा है. जिन्हें अब तक पकड़ा गया है, उनमें से अधिकतर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले रहे हैं. कानून की नजर में भगोड़े हैं. यानी भाजपा की पूंजी अब आपराधिक कैरेक्टर वाले कार्यकर्ता ही हैं.
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सीएम पर था जानलेवा हमले का प्रयास
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि काफिले पर हमलेवाले दिन सीएम की जान खतरे में थी. फुटेज में कई ऐसे लोग दिख रहे हैं जिनके पीठ पर पिट्ठू बैग था. आशंका है कि इसमें ग्रेनेड, बम हों. पुलिस को इस पर सख्ती से जांच करनी चाहिए. इसी दिन रांची सांसद अल्बर्ट एक्का चौक पर ओरमांझी की घटना को लेकर सरकार का विरोध करने गये.
सरकार का पुतला भी जलाया. पर इसके बाद सीएम के काफिले पर जानलेवा हमले की योजना बनी. पुलिस को तीन दिनों पहले अल्बर्ट एक्का चौक वाले कार्यक्रम में शामिल लोगों का सीडीआर निकालना चाहिए. लोकेशन औऱ अन्य पहलुओं की जांच भी करे.
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राजनीतिक दगाबाजी के साथ-साथ सामाजिक धोखेबाजी
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि बाबूलाल मरांडी पुलिस रिकॉर्ड को आधार बना कर झूठ बोल रहे हैं कि राज्य में एक साल में महिलाओं के खिलाफ 1764 मामले दर्ज किये गये हैं. वास्तव में अगर एनसीआरबी के रिकॉर्ड को देखा जाये तो 2017 में 20,948, 2018 में 20,962 औऱ 2019 में 18,334 मामले रिकॉर्ड किये जा चुके हैं. सीएम हेमंत सोरेन सरकार महिलाओं के मामले में काफी संवेदनशील है.
राज्य में 22 फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किये जाने को स्वीकृति इसी कारण दी गयी है. वास्तव में महिलाओं के खिलाफ नैतिक, सामाजिक मूल्यों में गिरावट आयी है. सबको सामने आना होगा. सरकार के खिलाफ विरोध हो पर संवैधानिक प्रावधानों को ताक पर रख कर नहीं.




