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भाजपा ने की लालू प्रसाद को होटवार शिफ्ट करने की मांग, कहा- जेल मैनुअल का बार-बार हो रहा उल्लंघन

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Ranchi:  प्रदेश भाजपा ने लालू प्रसाद मामले में बार-बार जेल मैनुअल के उल्लंघन का आरोप लगाया है. पार्टी प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने रविवार को प्रेस वार्ता में कहा कि चारा घोटाला मामले में लालू प्रसाद सजा काट रहे हैं. पर राज्य सरकार उनके मामले में लगातार उदारता दिखा रही है.

केली बंगला में उन्हें शिफ्ट करके रिटर्न गिफ्ट दिया गया है. साथ ही बार बार जेल मैनुअल के नियमों को तोड़ा जा रहा है. चुनावी कार्यालय बन चुके केली बंगला से लालू को हटाकर सरकार उन्हें होटवार जेल भेजे.

जेल आईजी लालू की हिरासत और जेल मैनुअल के मामले में गलत बयानी कर रहे हैं. उनके हिसाब से केली बंगला में लालू हिरासत में नहीं हैं. उन पर जेल मैन्युअल लागू नहीं होगा. यह गलत है.

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सीएम, मंत्री की राजनीतिक भेंट

प्रतुल शाहदेव के अनुसार लालू प्रसाद को सरकार ने राज्य स्तरीय मेहमान बना दिया है. राजनीतिक दलों के लोग उनसे लगातार मिल रहे हैं. सीएम हेमंत सोरेन, मंत्री बन्ना गुप्ता के अलावे अन्य लोग भी इसमें शामिल हैं.

24 अगस्त, 2018 को हाइकोर्ट ने कहा था कि लालू को कस्टडी में रखते हुए इलाज की सुविधा दी जायेगी. जेल एक्ट (1894) के सेक्शन 3(1) के मुताबिक जेल या अस्पताल में सजायाफ्ता कैदी को अल्पकाल के लिए भी रखे जाने का प्रावधान है.

इस हिसाब से तकनीकी रूप से लालू प्रसाद फिलहाल रिम्स में हिरासत में हैं. उनके ऊपर जेल मैनुअल के सारे नियम लागू होंगे. पर लालू को केली बंगला में रखा गया है जहां से वे अपना राजनीतिक एजेंडा चला रहे हैं.

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जेल मैनुअल का उल्लंघन करते हुए राजनेताओं से उनकी भेंट मुलाकात लगातार हो रही. उनसे मिलने वाले इस भेंट को सामान्य शिष्टाचार भेंट कहते हैं जो कि सरासर गलत है.

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सुविधा हो वापस

जेल मैनुअल के सेक्शन 634 के अनुसार अगर कस्टडी में इलाजरत कोई कैदी दी गयी सुविधाओं का नाजायज लाभ उठाता है तो उससे सुविधा वापस ली जायेगी. इसके अलावे मैनुअल के अनुसार इलाजरत किसी कैदी से मुलाकात के दौरान एक जेल अधिकारी का कैदी के साथ रहना जरूरी है.

भाजपा ने लालू मामले में इसका पालन करने को कहा है. इसके अलावे जेल मैनुअल के चैप्टर 17 (रूल 620) के अनुसार किसी भी मुलाकाती को मिलने से पहले जेल सुपरिटेंडेंट से लिखित आदेश लेना जरूरी है. लेकिन अधिकांश नेता मौखिक आदेश से ही लालू प्रसाद से मिल रहे हैं.

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