Khas-KhabarNational

फडणवीस से मुलाकात के बाद बोले राउत- जिसमें शिवसेना, अकाली दल नहीं, उसे मैं NDA नहीं मानता

Mumbai: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना सांसद संजय राउत की शनिवार को मुलाकात हुई. इसके बाद महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म हो गया. वहीं इस मुलाकात पर शिवसेना नेता राउत ने सफाई देते हुए कहा कि कुछ मसलों पर चर्चा हुई. साथ ही कहा कि जिस गठबंधन में अकाली दल और शिवसेना नहीं, मैं उसे एनडीए नहीं मानता.

इसे भी पढ़ेंः CoronaUpdate: देश में 60 लाख के करीब कोरोना केस, एक्टिव मरीजों की संख्या साढ़े नौ लाख से अधिक

advt

हमदोनों ही थे पुराने सहयोगी- राउत

कृषि बिल पर तकरार के बाद अकाली दल के एनडीए छोड़ने पर प्रतिक्रिया देते हुए राउत ने कहा कि शिवसेना और अकाली दल एनडीए को मजबूत स्तंभ थे. हमदोनों पुराने सहयोगी थे, बाकी तो पेइंग गेस्ट थे. साथ ही कहा कि शिवसेना को मजबूरन एनडीए से बाहर निकलना पड़ा, अब अकाली दल निकल गया. लेकिन जिस गठबंधन में शिवसेना और अकाली दल नहीं उसे मैं एनडीए नहीं मानता.

इसके अलावे शनिवार को पूर्व सीएम फडणवीस से मुलाकात पर भी सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि कुछ मुद्दों पर चर्चा के लिए हमारी मुलाकात हुई थी. विचाराधारा को लेकर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन हम दुश्मन नहीं हैं. साथ ही सफाई में कहा कि सीएम उद्धव ठाकरे को भी इस मुलाकात के बारे में जानकारी थी.

इसे भी पढ़ेंःBJP को बड़ा झटका, कृषि बिल के विरोध में NDA से अलग हुआ सबसे पुराना सहयोगी अकाली दल

मुलाकात के राजनीतिक मायने नहीं- बीजेपी

बता दें कि संजय राउत ने मुंबई उपनगर स्थित एक होटल में फडणवीस से मुलाकात की थी. राउत पिछले साल विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता बंटवारे के फार्मूले को लेकर भाजपा विरोधी रुख के लिए सुर्खियों में थे. इस मुलाकात के बाद शुऱू हुई राजनीतिक अटकलों पर बीजेपी ने भी विराम लगाया है. महाराष्ट्र भाजपा के मुख्य प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने कहा कि इस मुलाकात के कोई राजनीतिक मायने नहीं है.

उन्होंने ट्वीट किया, ” राउत ने (शिवसेना के मुखपत्र) सामना के लिए फडणवीस का साक्षात्कार लेने की इच्छा व्यक्त की थी और इसी बारे में चर्चा करने के लिए यह मुलाकात हुई थी.” प्रवक्ता ने कहा, फडणवीस ने राउत से कहा है कि वह बिहार में चुनाव प्रचार करके लौटने के बाद उन्हें साक्षात्कार देंगे. इस भेंट का कोई राजनीतिक संदर्भ नहीं है.

बता दें कि शिवसेना और भाजपा ने पिछले साल विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ा था, लेकिन चुनाव के बाद सत्ता में साझेदारी को लेकर उद्धव ठाकरे नीत पार्टी भाजपा का साथ छोड़ गई थी और राकांपा तथा कांग्रेस के साथ मिलकर महाराष्ट्र में सरकार बना ली थी.

इसे भी पढ़ेंः अयोध्या में विवादित ढांचा को गिराए जाने के मामले में फैसला 30 सितंबर को

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: