
New delhi: केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली के लोक सभा सांसद मोहन डेलकर (Mohan Delkar) ने क्यों खुदकुशी की. मुंबई के होटल सी ग्रीन मरीन में उनकी लाश मिलने के घंटों बाद भी इस सवाल का जवाब नहीं है. रविवार की सुबह उनका शव होटल में देखा गया था. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. मुंबई पुलिस को सांसद के कमरे से 6 पन्नों का एक सुसाइड नोट (Suicide Note) भी मिला है. पुलिस के मुताबिक सुसाइड नोट में 40 लोगों के नाम हैं.
फिलहाल फॉरेसिंक डिपार्टमेंट इस सुसाइड नोट की भी जांच कर रही है, कि क्या सुसाइड नोट पर मोहन डेलकर की ही हैंडराइडिंग है. मुंबई पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक सांसद मोहन डेलकर ने खुदकुशी की है. फॉरेंसिक टीम ने होटल के उस कमरे की 4 घंटे तक तलाशी ली जहां मोहन डेलकर का शव बरामद हुआ था.
मालूम हो कि मोहन डेलकर की उम्र 58 साल थी. साल 1989 में वे दादर और नागर लोकसभा क्षेत्र से जीतकर पहली बार लोकसभा पहुंचे थे. राजनीतिक जीवन की शुरुआत उन्होंने ट्रेड यूनियन नेता के तौर पर थी. वे कांग्रेस और बीजेपी के टिकट पर सांसद का चुनाव लड़ चुके थे. बाद में उन्होंने भारतीय नवशक्ति पार्टी (बीएनपी) का गठन किया था.
साल 2019 में उन्होंने खुद को कांग्रेस से अलग करने का फैसला किया और बतौर निर्दलीय उम्मीदवार लोकसभा चुनाव में उतरे और जीत दर्ज करने में कामयाबी हासिल की. वह सात बार सांसद रहे थे. डेलकर मई 2019 में सातवीं बार सांसद निर्वाचित होकर संसद पहुंचे थे. वह कार्मिक, लोक शिकायत, विधि एवं न्याय मामलों संबंधी लोकसभा की स्थायी समिति के सदस्य थे. वहीं वह गृह मंत्रालय संबंधी निम्न सदन की सलाहकार समिति के सदस्य थे.




