
Ranchi: खाद्य सार्वजनिक वितरण और उपभोक्ता मामलों के मंत्री सरयू राय ने एक बार फिर सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है. उन्होंने पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन की मांग पर मुख्यमंत्री रघुवर दास से पेट्रोल और डीजल की कीमतें घटाने के लिए वैट कम करने का आग्रह किया है. मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में श्री राय ने कहा है कि झारखंड में पेट्रोलियम उत्पादों पर 22 फीसदी वैट (मूल्य वद्धित कर) है. इससे उत्तरप्रदेश और अन्य राज्यों से वाहन चालक डीजल भरा रहे हैं. इससे राज्य को नुकसान हो रहा है. उन्होंने कहा है कि झारखंड में वैट के अलावा एक प्रतिशत सेस भी लिया जा रहा है. वैट और सेस की वजह से झारखंड में पेट्रोल की कीमत पड़ोसी राज्यों की तुलना में अधिक हो गयी है. मुख्यमंत्री को वैट की दर में चार प्रतिशत तक की कमी लाने के लिए वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों की बैठक कर समग्र फैसला लेना चाहिए. उन्होंने पूरे मामले पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने का भी आग्रह किया है.
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खनन क्षेत्र में आउटसोर्सिंग कंपनी दूसरे जगहों से मंगा रही हैं पेट्रोल-डीजल
श्री राय ने कहा है कि झारखंड के खनन क्षेत्र में काम करनेवाली अधिकतर आउटसोर्सिंग कंपनी बाहर से ही डीजल-पेट्रोल मंगा रही हैं. इसका खामियाजा झारखंड के पेट्रोल पंप मालिकों को उठाना पड़ रहा है. श्री राय ने अपने पत्र में लिखा है कि पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने झारखंड और पड़ोसी राज्यों में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों का तुलनात्मक विश्लेषण भी किया है. इसकी जांच करनी चाहिए, जिससे यह पता चल पायेगा कि झारखंड में वैट की वजह से पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में कितना अंतर है. उन्होंने कीमतों पर कमी करने का फैसला राज्य हित में करने का आग्रह किया है, ताकि यहां के डीलरों को इसका लाभ मिल सके.




