
Kolkata : पश्चिम बंगाल के बीरभूम में टीएमसी नेता की हत्या के बाद सोमवार देर रात हिंसा भड़क गई. यहां भीड़ ने 10-12 घरों के दरवाजे को बंद कर आग लगा दी. एक ही घर से 7 लोगों के शव निकाले गए हैं. भड़की हिंसा में अब तक कुल 10 लोगों की मौत हो गई है.
घटना के बार में मिली जानकारी के मुताबिक बंगाल के बीरभूम जिले के रामपुरहाट में टीएमसी के उपप्रधान की हत्या का बदला लेने के लिए इस घटना को अंजाम दिया गया है. वहीं घटना की जानकारी मिलते ही डीएम समेत बीरभूम के तमाम बड़े अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
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एक ही घर से 7 लोगों के शव निकाले गये
इन सब के बीच बीरभूम के दमकल अधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा कि घटना कल रात की है. 10-12 घरों में आग लगाई गईं. इस हिंसा में अब तक कुल 10 लोगों के शव निकाले जा चुके हैं. एक ही घर से 7 लोगों के शव निकाले गए हैं.
West Bengal | Around 10-12 houses were set on fire last night. A total of 10 dead bodies have been recovered, 7 dead bodies were retrieved from a single house: Fire officials on death of several people after a mob allegedly set houses on fire and killed a TMC leader in Birbhum. pic.twitter.com/KOW2ldlCgy
— ANI (@ANI) March 22, 2022
बम फेंककर की गई थी हत्या
बंगाल के बीरभूम के रामपुरहाट में सोमवार देर रात बम फेंककर पंचायत नेता भादू शेख की हत्या कर दी गई थी. जानकारी के अनुसार शेख स्टेट हाईवे 50 पर जा रहे थे. तभी अज्ञात लोगों ने उनपर बम फेंक दिया जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए. इसके बाद उन्हें रामपुरहाट के मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.

चुनाव परिणाम के बाद हिंसा में 16 लोगों की गई थी जान
यह पहली बार नहीं है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा की घटना हो रही है. पिछले साल चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद हुई हिंसा में कम से कम 16 लोगों की जान ले ली थी.
एक भी पुरुष सदस्य नहीं बचा
जानकारी के अनुसार हत्याओं के बाद क्षेत्र के किसी भी घर में एक भी पुरुष सदस्य नहीं बचा है. यह हाल के दिनों में पश्चिम बंगाल में हुई सबसे बड़ी राजनीतिक हिंसा में से एक है. स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हमलावरों द्वारा इमारतों में आग लगाने से पहले कई लोगों को उनके घरों के अंदर बंद कर दिया गया था. पुलिस अब मौके पर पहुंच गई है और जांच की जा रही है.
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हिंसा के मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात करेगी बंगाल भाजपा
शिशिर बाजोरिया के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल भाजपा आगामी उपचुनावों और राज्य में जारी हिंसा के मुद्दे पर आज राज्य के मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात करेगी.
इस हिंसक वारदात के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बैकफुट पर आ गई हैं. राज्य सरकार ने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सीआईडी) ज्ञानवंत सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है.
भाजपा ने ममता से मांगा इस्तीफा
वहीं, बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग की है. मजूमदार ने कहा, “बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से चरमरा गई है.
अगर सत्ताधारी दल के नेताओं को बैक-टू-बैक हमलों में मारा जा सकता है, तो आम लोग कितने सुरक्षित हैं. मुख्यमंत्री को अभी इस्तीफा देना चाहिए.”
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टीएमसी ने दिया जवाब
टीएमसी के राज्यसभा सदस्य शांतनु सेन ने मजूमदार पर पलटवार किया है. सेन ने कहा, “भाजपा एक घटना के कारण मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही है.
इस आधार पर तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भाजपा शासित राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए पहले इस्तीफा देना चाहिए था.”
आग हिंसा के दौरान नहीं लगी, TMC का दावा
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह आगजनी टीएमसी के एक गुट के सदस्यों की ओर से की गई है. हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज किया है. बीरभूम जिले के टीएमसी के अध्यक्ष अनुब्रत मंडल ने दावा किया कि यह आग हिंसा के दौरान नहीं लगाई गई है. उन्होंने कहा कि यह आगजनी शॉर्ट सर्किट के चलते हुई थी और उसी की वजह से घरों में आग लग गई.
टीएमसी कार्यकर्ताओं की ओर से हमले की बात को खारिज करते हुए मंडल ने कहा, ‘शॉर्ट सर्किट के चलते लोगों के घरों में आग लग गई थी और उससे ही मौतें हुई हैं. सोमवार की रात को कोई हिंसा नहीं हुई थी.
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