
Lucknow : अगले साल यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले अयोध्या की गोसाईगंज सीट से भाजपा विधायक इंद्र प्रताप उर्फ खब्बू तिवारी को विशेष अदालत से झटका लगा है. बता दें कि फर्जी मार्कशीट के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद खब्बू तिवारी की यूपी विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया गया. इससे जुड़ी अधिसूचना गुरुवार को विधानसभा सचिवालय की तरफ से जारी कर दी गई है.
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ये था मामला
बता दें कि एमपी-एमएलए कोर्ट ने 18 अक्टूबर 2021 को तिवारी को फर्जी मार्कशीट मामले में 5 साल की सजा सुनाई थी. उनपर कॉलेज में प्रवेश पाने के लिए फर्जी मार्कशीट का उपयोग करने का आरोप लगा था. यह मामला 1992 का है.
साकेत कॉलेज के उस समय के प्राचार्य यदुवंश राम त्रिपाठी ने खब्बू तिवारी व छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष व सपा नेता फूलचंद यादव और चाणक्य परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृपा निधान तिवारी के खिलाफ फर्जी मार्कशीट के आधार पर दाखिला लेने का मामला दर्ज कराया था.
यदुवंश राम त्रिपाठी ने आरोप लगाया था कि इंद्र प्रताप उर्फ खब्बू तिवारी ने 1990 में बीएससी द्वितीय वर्ष में फेल होने के बाद भी बीएससी थर्ड ईयर में दाखिला लिया. आरोपियों के खिलाफ अयोध्या के रामजन्मभूमि थाने में आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 के तहत मामला दर्ज किया गया था.
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अब कुल 8 सीटें हो गयी हैं खाली
खब्बू तिवारी की सदस्यता रद्द होने के बाद यूपी में विधानसभा की 8 सीटें खाली हो गई हैं. गोसाईगंज के अलावा, अन्य सात सीटों में स्वार, औरैया, लखनऊ (पश्चिम), नवाबगंज, सलोन, चरथवल और दीदारगंज शामिल हैं. इनमें से 6 सीटें विधायकों के निधन के बाद खाली हुई.
बता दें कि 2009 के दिसंबर में ही स्वार सीट खाली हो गए थी, जब सपा के दिग्गज नेता आजम खान के बेटे और सपा विधायक अब्दुल्ला आजम को विधानसभा से अयोग्य घोषित कर दिया गया था.
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