
Rahul Kumar
Ranchi: लोकसभा का चुनावी बिगुल बज चुका है. उम्मीदवारों के मामले में एनडीए इंडी गठबंधन से काफी आगे चल रहा है. एनडीए की तरफ से सभी 14 लोकसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा हो चुकी है. लेकिन इंडी गठबंधन की तरफ से जेएमएम ने दो, कांग्रेस ने तीन और माले ने एक सीट पर उम्मीदवारों की घोषणा की है. उम्मीदवारों के मामले में जेएमएएम और कांग्रेस कन्फ्यूज्ड दिख रहा है. लाख मंथन के बाद भी कांग्रेस और जेएमएम उम्मीदवारों की घोषणा नहीं कर पा रहा है. खास कर कांग्रेस पार्टी चार सीटों पर उम्मीदवार ना देकर अपनी कमजोरी खुद साबित कर रही है. कांग्रेस को धनबाद, गोड्डा, चतरा और चाईबासा में उम्मीदवारों की घोषणा करनी है. जो नहीं हो पा रहा है. जानते हैं कैसे यह सभी चार सीट हैं झारखंड के लिए अहम. कैसे यह चारों सीट हैं कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा की बात.
धनबाद लोकसभा
2019 के लोकसभा चुनाव में तीसरी बार पीएन सिंह सांसद चुने गए. इस चुनाव में कांग्रेस की तरफ से हेलीकॉप्टर उम्मीदवार कृति आजाद चुनावी मैदान में थे. लेकिन उसके बावजूद बीजेपी उम्मीदवार पीएन सिंह ने कृति आजाद को 4,86,194 वोट से मात दी थी. जो झारखंड में जीत का सबसे बड़ा आंकड़ा था. इस बार चुनाव में बीजेपी ने पीएन सिंह का टिकट काट पर बाघमारा विधायक ढुल्लू महतो को उम्मीदवार बनाया है. जिसका विरोध हो रहा है. लेकिन इसके बाद भी कांग्रेस में असमंजस दिखाई दे रही है. कुछ दिनों तक तो लगा था कि कांग्रेस भी पार्टी के किसी बड़े चेहरे पर दाव लगाएगी. लेकिन अभी तक सिर्फ मंथन का दौर जारी है. वहीं दूसरी तरफ जमशेदपुर पूर्वी से निर्दलीय विधायक सरयू राय ने भी ढुल्लू महतो के खिलाफ मोर्चा खोला है और उन्होंने धनबाद लोकसभा सीट से इंडी गठबंधन के सहयोग से चुनाव लड़ने की इच्छा जतायी है. लेकिन इंडी गठबंधन की तरफ से कोई सकारात्मक पहल नहीं होने से सबकुछ जस का तस रह गया.
गोड्डा लोकसभा
झारखंड की राजनीति के साथ देश की राजनीति में गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे चर्चा में रहते हैं. राज्य में सांसद निशिकांत दुबे की लड़ाई सीधे सोरेन परिवार से रही है. ईडी की कार्रवाई की बात करें या पूर्व सीएम हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी की, सभी मौकों पर सांसद सोशल मीडिया पर खुलकर लिखने से गुरेज नहीं करते हैं. अब तो सोरेन परिवार में फूट पड़ गई है और एक सदस्य बीजेपी का हिस्सा बन चुकी हैं. पार्टी ने सीता सोरेन को दुमका लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में भी उतार चुकी है. ऐसे में जिसकी लड़ाई सीधे सोरेन परिवार से हो उसके खिलाफ अभी तक इंडी गठबंधन की ओर से उम्मीदवार नहीं घोषित करना तरह-तरह की चर्चाओं की वजह बना हुआ है. वहीं कांग्रेस की तरफ से विधायक दीपिका पांडे सिंह और पूर्व सांसद फुरकान अंसारी भी लॉबिंग कर रहे हैं. सांसद निशिकांत दुबे इस सीट से जीत की हैट्रिक लगा चुके है. और बीजेपी ने चौथी बार उनपर फिर से भरोसा जताया है. अगर 2019 चुनाव की बात करें, तो बीजेपी उम्मीदवार के खिलाफ महागठबंधन उम्मीदवार प्रदीप यादव चुनावी मैदान में थे. बीजेपी उम्मीदवार निशिकांत दुबे ने प्रदीप यादव को 1,84,227 वोटो से चुनाव हरा कर जीत हासिल की थी.
चतरा लोकसभा
इस लोकसभा सीट पर 2019 में कांग्रेस से मनोज यादव ने चुनाव लड़ा था. इसके साथ ही आरजेडी नेता सुभाष यादव ने भी चुनाव में अपना भाग्य आजमाया था. लेकिन दोनों के हाथ असफलता लगी. बीजेपी उम्मीदवार सुनील सिंह का काफी विरोध होने के बावजूद वो 3,77,871 वोटों से जीते. अब इस सीट पर बीजेपी ने उम्मीदवार बदल दिया है. कालीचरण सिंह चुनावी मैदान में हैं. लेकिन अब तक कांग्रेस की तरफ से उम्मीदवार की घोषणा नहीं हुई है. वहीं आरजेडी ने इस सीट पर अपना दावा ठोक दिया है.
पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) लोकसभा
पूरे राज्य में इसी लोकसभा सीट से 2019 में कांग्रेस की उम्मीदवार गीता कोड़ा चुनाव जीत कर सदन में पहुंची थी. लेकिन गीता कोड़ा ने कांग्रेस को टाटा और बाय-बाय कर दिया. अब वो उसी सीट पर बीजेपी की उम्मीदवार हैं. वहीं इंडी गठबंधन की बात करें तो उम्मीदवार की घोषणा नहीं हुई है. बताया जा रहा है इसबर गठबंधन की तरफ से जेएमएम का उम्मीदवार इस सीट से चुनाव लड़ सकता है. लेकिन यह बात भी अभी संदेह के घेरे में है.
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