
New Delhi : बिग बाजार अब रिलायंस का नहीं होगा. इसकी आधिकारिक घोषणा रिलायंस इंडस्ट्रीज ने की है. उसने फ्यूचर समूह के साथ अपने 24,713 करोड़ रुपये की डील को रद्द कर दिया है. रिलायंस ने कहा है कि इस सौदे को सुरक्षित कर्जदाताओं की बैठक में मंजूरी नहीं मिलने के बाद क्रियान्वित नहीं किया जा सकता है. सौदे को शेयरधारकों एवं असुरक्षित कर्जदाताओं ने बहुमत से स्वीकार कर लिया है लेकिन सुरक्षित ऋणदाताओं ने प्रस्ताव को नकार दिया है.
फ्यूचर ग्रुप के सुरक्षित ऋणदाताओं ने प्रस्तावित योजना के खिलाफ मतदान किया है. ऐसी स्थिति में इस योजना को आगे क्रियान्वित नहीं किया जा सकता है.
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अगस्त 2020 में हुआ था सौदे का ऐलान
फ्यूचर समूह ने अगस्त 2020 में रिलायंस इंडस्ट्रीज की कंपनी रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (आरआरवीएल) के साथ 24,713 करोड़ रुपये के विलय समझौते की घोषणा की थी. इस समझौते के तहत खुदरा, थोक, लॉजिस्टिक एवं भंडारण खंडों में सक्रिय फ्यूचर समूह की 19 कंपनियों का रिलायंस रिटेल अधिग्रहण करने वाली थी. इस विलय समझौते की घोषणा के बाद से ही दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी ऐमजॉन इसका विरोध कर रही थी.
विभिन्न अदालती मुकदमों में ऐमजॉन ने यह कहते हुए इस सौदे का विरोध किया कि उसके साथ हुए फ्यूचर समूह के निवेश समझौते का यह करार का उल्लंघन करता है.
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