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बेरमो : टीम ने बोकारो थर्मल ऐश पौंड मामले की जांच की, विधायक ने माना निर्माण में हुई अनियमितता

Bermo :  बोकारो डीसी मुकेश कुमार द्वारा गठित जांच टीम ने शनिवार को बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी के टूटे ऐश पौंड का निरीक्षण किया. उन्होंने प्रभावित इलाकों का जायजा लिया और परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याओं से अवगत हुए.

डीसी द्वारा गठित जांच टीम में बोकारो के अपर समाहर्ता बिजय कुमार गुप्ता, डीडीएमओ शक्ति कुमार, बेरमो एसडीएम प्रेम रंजन, बेरमो सीओ मनोज कुमार शामिल थे. इसके अलावा टीम में बेरमो विधायक योगेश्वर महतो बाटुल, दामोदर बचाओ आंदोलन के पूर्व संयोजक डॉ प्रहलाद बर्णवाल, बोकारो जिला सह संयोजक श्रवण सिंह, जिला पार्षद भरत यादव भी शामिल थे.

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सरयू राय के पत्र पर गठित हुई जांच कमिटी

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डीवीसी बोकारो थर्मल का ऐश पौंड टूटने तथा पौंड से हजारों टन छाईयुक्त गंदा पानी कोनार एवं दामोदर नदी में प्रवाहित होने की सूचना के बाद दामोदर बचाओ आंदोलन के संरक्षक तथा राज्य के मंत्री सरयू राय ने झारखंड सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु नियंत्रण विभाग के सचिव को कार्रवाई एवं जांच के लिए 12 सितंबर को ही पत्र लिखा था.

मंत्री सरयू राय के पत्र के आलोक में वन, पर्यावरण एवं जलवायु नियंत्रण विभाग के सचिव ने बोकारो डीसी को मामले की जांच के लिए पत्र लिखा था. मंत्रालय सचिव के जांच संबंधी पत्र के आलोक में बोकारो डीसी ने बोकारो के अपर समाहर्ता बिजय कुमार गुप्ता के नेतृत्व में टीम गठित की.

 ऐश पौंड का निरीक्षण कर अधिकारियों से जानकारी ली

डीसी द्वारा गठित जांच टीम में शामिल बोकारो एसी, डीडीएमओ, बेरमो एसडीएम के अलावा बेरमो विधायक ने भी स्थानीय डीवीसी के टूटे एक नंबर ऐश पौंड का निरीक्षण कर पौंड की फोटोग्राफी की तथा डीवीसी के प्रोजेक्ट हेड कमलेश कुमार, डिप्टी चीफ सिविल अरुण कुमार तथा अपर निदेशक नीरज सिन्हा से पूरे मामले की जानकारी ली. साथ ही टूटे पौंड के करवाये जा रहे मरम्मत कार्य को भी देखा.

विधायक ने माना कि पौंड निर्माण में बरती गयी अनियमितता

जांच एवं निरीक्षण के दौरान बेरमो विधायक ने माना कि पूर्व में ही पौंड के निर्माण में काफी अनियमितता बरती गयी है. निर्माण के समय पौंड में बांध बांधने में मिट्टी के स्थान पर मोरम का उपयोग किया गया है जिसके कारण पौंड टूट गया. कहा कि पौंड टूटने के कई कारण हैं जो जांच के बाद ही सामने आयेंगे.

नदी में जा रहे छाई को रोकने का दिया निर्देश

बोकारो एसी ने ऐश पौंड पर टूटे एक नंबर पौंड से कोनार नदी में जा रही छाई को तत्काल रोकने का निर्देश डीवीसी के स्थानीय प्रोजेक्ट हेड कमलेश कुमार को दिया. एसी के निर्देश पर प्रोजेक्ट हेड ने कहा कि दो दिनों के अंदर रोक लगा दी जायेगी.

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पांच दिनों के अंदर सेटलिंग व एक माह में पौंड की होगी मरम्मत

प्रोजेक्ट हेड ने जांच टीम के अधिकारियों से कहा कि पांच दिनों के अंदर टूटे सेटलिंग पौंड की मरम्मत का काम पूरा कर 500 मेगावाट के ए पावर प्लांट को चालू करने का काम किया जायेगा. साथ ही एक माह के अंदर टूटे हुए एक नंबर पौंड की मरम्मत कर ली जायेगी.

प्रोजेक्ट हेड ने विधायक सहित जांच टीम के अधिकारियों से छाई के डिस्पोजल की समस्या रखी और कहा कि पूर्व की ही तरह इसे सीसीएल की बंद खदानों में गिराने की अनुमति प्रदान की जाय ताकि पावर प्लांट को सुचारू रूप से चलाया जा सके.

 

प्रभावित इलाकों का लिया जायजा, लोगों की सुनी समस्यायें

जांच टीम ने अपने दौरे के क्रम में सीसीएल कारो स्पेशल फेज दो स्थित सरकारी सामुदायिक अस्पताल, पौंड की मिट्टी एवं बहे हुए छाई से मैदान बने धान के खेत, प्रभावित निशन हाट झोपड़पट्टी कॉलोनी एवं डीवीसी की एचएमटी कॉलोनी का भी जायजा लिया तथा लोगों की समस्याओं से रूबरू हुए.

कारो स्पेशल फेज दो की कश्मीर कॉलोनी में कामगारों के परिवारजनों तथा महिलाओं ने जांच टीम से घटना के बाद पानी की किल्लत को दूर करने के लिए समुचित उपाय करने की मांग की. एसी ने इस दौरान डीडीएमओ शक्ति कुमार को प्रभावित लोगों के नाम दर्ज करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये.

पौंड से बरबाद हुए धान खेत के किसानों ने भी जांच टीम से अपनी फरियाद करते हुए उचित मुआवजा की मांग की.

चार बच्चों को बचानेवाली किरण से की मुलाकात

घटना की रात चार बच्चों को बचानेवाली निशन हाट झोपड़ पट्टी कॉलोनी की रहने वाली किरण करमाली से भी जांच टीम ने मुलाकात की और उसे प्रोत्साहित किया व मदद का भरोसा दिलाया. किरण के साहसिक कार्य के लिए डीवीसी प्रबंधन ने पूर्व में ही दो हजार रुपये की मदद की है.

कोनार एवं दामोदर नदी का पानी हुआ प्रदूषित

दामोदर बचाओ आंदोलन के पूर्व संयोजक डॉ प्रह्लाद बर्णवाल तथा जिला सह संयोजक श्रवण सिंह ने जांच के बाद कहा कि ऐश पौंड के टूटने तथा हजारों टन छाई कोनार एवं दामोदर नदी में प्रवाहित हो जाने से दोनों ही नदियों का पानी काफी प्रदूषित हो गया है. नदी का पानी मानव सेवन के लायक नहीं रह गया है.

उन्होंने कहा कि डीवीसी प्रबंधन यदा-कदा इस प्रकार के उपायों एवं लापरवाही से दोनों ही नदियों को प्रदूषित करने का अमानवीय एवं आपराधिक काम करता रहता है जिस पर कड़ाई से रोक लगाने की जरूरत है.

बोकारो डीसी को सौंपी जायेगी रिपोर्ट

बाद में डीवीसी के स्थानीय निदेशक भवन में पत्रकारों से बोकारो एसी ने कहा कि जांच टीम अपनी रिपोर्ट डीसी को सौंपेगी. कहा कि पौंड टूटने के तकनीकी सहित अन्य कारणों की जांच की जा रही है. कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार की घटना ना हो इसके भी उपाय किये जायेंगे.

उन्होंने प्रभावित परिवारों एवं खेत तथा फसल का नुकसान झेलने वाले किसानों को भी हर संभव मदद का भरोसा दिया.

जिला पार्षद भरत यादव ने पौंड से प्रभावितों को डीवीसी द्वारा दिये गये पांच हजार रुपये के मुआवजे को बढ़ाने की मांग की.

मौके पर भाजपा के बेरमो प्रखंडध्यक्ष संजय प्रसाद, राजेश साव, पंसस नागेश्वर महतो, ईश्वरचंद्र प्रजापति, विश्वनाथ यादव, नवीन पांडेय, प्रफुल्ल ठाकुर, बिरेंद्र प्रसाद साव, छेदी महतो सहित काफी संख्या में लोग मौजूद थे.

पीड़ितों के लिए मेडिकल कैंप लगाया

डीवीसी प्रबंधन की ओर से शनिवार को निशन हाट झोपड़ पट्टी कॉलोनी में स्थानीय अस्पताल के द्वारा पौंड के बाढ़ पीड़ितों से प्रभावितों की मेडिकल कैंप लगाकर जांच की गयी.

स्थानीय अस्पताल के डॉक्टर एस हेम्ब्रम, सिस्टर शीला, सहायक नियंत्रक मासं जेके सिन्हा के द्वारा कैंप में प्रभावितों की जांच कर निःशुल्क दवा दी गयी. डॉ हेम्ब्रम ने कहा कि ज्यादातर लोगों को चोट से आये दर्द एवं छाई युक्त पानी में रहने के कारण खुजली आदि की ही शिकायत है.

सांसद ने भी किया निरीक्षण, बोले-क्षमता से अधिक ऐश जमा करने के कारण टूटा पौंड

पौंड का गिरिडीह के सांसद चंद्र प्रकाश चैधरी ने भी निरीक्षण किया. सांसद के साथ डीवीसी के प्रोजेक्ट हेड कमलेश कुमार, अपर निदेशक नीरज सिन्हा, स्थानीय थाना के इंस्पेक्टर उमेश कुमार ठाकुर, आजसू केंद्रीय सचिव संतोष कुमार महतो, बेरमो प्रखंडध्यक्ष मंजूर आलम, सांसद प्रतिनिधि दीपक महतो, सचिव सुरेश महतो शामिल थे.

सांसद ने जांच के दौरान मामले को लेकर डीवीसी के प्रोजेक्ट हेड सहित अन्य अधिकारियों से जानकारी ली. सांसद ऐश पौंड के बाढ़ से प्रभावित कारो स्पेशल फेज, निशन हाट झोपड़ पट्टी कॉलोनी सहित डीवीसी की आवासीय कॉलोनी जाकर प्रभावितों से हालात का जायजा लिया और डीवीसी सहित प्रखंड के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये.

सांसद ने बाद में पत्रकारों से कहा कि स्थानीय डीवीसी के ऐश पौंड को निधार्रित क्षमता से अधिक ऊंचा कर छाई जमा करने के कारण पौंड टूटा है जिससे डीवीसी सहित आमलोगों को करोड़ों की क्षति का सामना करना पड़ा है. कहा कि पौंड टूटने के मामले में डीवीसी के अधिकारियों कर लापरवाही पूरी तरह से दिखाई पड़ती है जिसके लिए अधिकारियों पर कार्रवाई की जायेगी.

कैंप किये हैं ईडी ऑपरेशन

बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी के ऐश पौंड की मरम्मती एवं पावर प्लांट को जल्द से जल्द से चालू करवाने को लेकर कोलकाता के ईडी ऑपरेशन बीएन शाह बोकारो थर्मल में ही कैंप किये हुए हैं. जबकि डीवीसी के मेंबर तकनीकी आरपी त्रिपाठी शुक्रवार को ही पौंड का निरीक्षण कर कोलकाता लौट गये.

प्रतिदिन डीवीसी को साढ़े पांच करोड़ का हो रहा आर्थिक नुकसान

ऐश पौंड टूटने के बाद 12 सितंबर की रात्रि से ही स्थानीय दोनों ही पावर प्लांटों को बंद कर दिया गया है. डीवीसी के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार 500 मेगावाट के ए पावर प्लांट को बंद कर रखने से डीवीसी को प्रतिदिन साढ़े पांच करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.

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