
- मांग दिवस पर सीसीएल के तीनों एरिया में सभा व धरना
- श्रम कानूनों को लेकर जारी किये गये अध्यादेश का विरोध
Bermo: बेरमो अनुमंडल के सीसीएल के तीनों ही एरिया कथारा, बीएंडके, ढ़ोरी प्रक्षेत्र में सोमवार को मांग दिवस के अवसर पर यूसीडब्ल्यूयू एवं एटक के संयुक्त तत्वाधान में 17 सूत्री मांगों को लेकर नुक्कड़ सभा एवं धरना का आयोजन किया गया.
सभा को यूनियन के केंद्रीय महामंत्री सह एटक के राज्य उप महासचिव लखनलाल महतो ने संबोधित करते हुए कहा कि देश के यूपी, गुजरात, पंजाब, एमपी सहित कुछ राज्यों ने एक अध्यादेश के जरिये 38 श्रम कानूनों को तीन वर्ष के लिए निलंबित किया है और यूसीडब्ल्यूयू एवं एटक ऐसे अध्यादेश का विरोध करती है और कर्मचारियों के हित में आंदोलन करने के लिए बाध्य है.
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घरवासी के लिए समय देकर लॉकडाउन करना था
कहा कि देश के प्रधानमंत्री लॉकडाउन की घोषणा के समय अपने-अपने राज्य से बाहर प्रदेशों में काम करने वाले मजदूरों, इलाज के लिए बाहर के राज्यों में गये मरीजों, प्रदेशों में पढ़ाई करनेवाले छात्रों को घर वापसी के लिए चार दिनों का समय देकर लॉकडाउन की घोषणा करते तो आज देश के समक्ष जो हालात हैं, वो शायद नहीं होते.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री एवं राज्य सरकारों की घोषणायें महज हवाबाजी बनकर रह गयीं. प्रवासी मजदूरों के पैसे जब खत्म हो गये और भूखों मरने की नौबत आने लगी तो वे बिना कोई साधन के पैदल ही अपने घरों को लौटने को बाध्य हो गये. वापसी के क्रम में ऐसे कई मजदूरों की पैदल चलने, भूख एवं प्यास से मौत हो गयी.
उन्होंने कहा कि स्पेशल ट्रेनों से वापसी करनेवाले मजदूरों से किराया वसूला जा रहा है. जिनके पास पैसे नहीं हैं वे अभी भी प्रदेशों में ही फंसे हुए हैं. वापसी करनेवाले मजदूरों के समक्ष बेरोजगारी एवं भुखमरी की समस्या मुंह बाये खड़ी है.
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ये हैं मांगें
कहा कि उनकी मांगों में केंद्र एवं राज्यों की सरकारें प्रवासी मजूदरों को बिना किराया लिये उनके घर तक पहुंचाने, श्रमिकों को बिना कटौती वेतन देने, वापसी के क्रम में मरनेवाले मजदूरों के आश्रितों को 50 लाख का मुआवजा देने, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बहाल होने तक सभी बेरोजगारों एवं उनके परिवार को 7500 रुपये का नकद भुगतान करने, औद्योगिक संस्थानों में काम के घंटों को 8 से बढ़ाकर 12 करने के अध्यादेश को समाप्त करने,जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त राशन देने की मांग आदि शामिल थी.
सभा का संचालन रामेश्वर साव ने किया. सभा में बीएन महतो, मो युसुफ, विश्वनाथ महतो, परण, सुजीत कुमार महतो, गोवर्द्धन महतो, गोपाल महतो, कौलेश्वर महतो, मिथिलेश महतो, चरित्र नोनिया सहित सैकड़ों मजदूर सभा में डिस्टेंस को मेंटेन करते हुए मौजूद थे.
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