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सर्च अभियान से पहले ग्राम सभा व पारंपरिक ग्राम प्रधानों से सहमति लें सुरक्षा बलः झाजम

Ranchi : पिछले दिनों लातेहार के गारू में 24 वर्षीय ब्रह्मदेव सिंह को नक्सली समझ कर गोली मार दी गयी थी. ग्रामीणों के अनुसार वे वहां अपने साथियों के साथ पारंपरिक शिकार करने गये थे. इस दौरान सर्च अभियान में निकले सुरक्षा बलों ने उन्हें नक्सली समझ कर गोली मार दी. झारखंड जनाधिकार महासभा ने इस पर चिंता जाहिर की है.

महासभा ने कहा है कि इस घटना ने फिर से राज्य में सुरक्षा बलों द्वारा आदिवासियों पर की जा रहे हिंसा को उजागर किया है. जिले के एसपी ने इस घटना को माना है. वहीं इसकी पूरी संभावना है कि स्थानीय पुलिस व सुरक्षा बल इस पूरे मामले को छिपाने की कोशिश करें.

महासभा ने कहा कि राज्य में कई दफा ऐसा हुआ है जब निर्देष ग्रामीण सुरक्षा बलों का निशाना बने हैं. ऐसे में पेसा क्षेत्र, पंचायतों में सर्च अभियान चलाने से पहले सुरक्षा बल गंभीरता बरतें. इसके अलावा राज्य सरकार भी अपने स्तर से कड़े कदम उठाये.

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पांचवीं अनुसूची प्रावधानों को करें लागू

महासभा की सदस्य आलोका कुजूर ने कहा है कि राज्य सरकार राज्य के स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों को स्पष्ट औऱ जरूरी निर्देश दें. कहे कि वे किसी भी तरह से आदिवासियों का शोषण न करें. किसी भी गांव के सीमाना में सर्च अभियान चलाने से पहले पांचवी अनुसूची क्षेत्र में ग्राम सभा व पारंपरिक ग्राम प्रधानों से सहमति लें. इसी तरह अन्य क्षेत्रों में पंचायत प्रतिनिधियों को भरोसे में लिया जाए.

पांचवी अनुसूची प्रावधानों व पेसा को पूर्ण रूप से लागू करना चाहिये. पांचवी अनुसूची क्षेत्र के थाने व स्थानीय प्रशासन के निर्णायक पदों पर प्राथमिकता स्थानीय आदिवासियों को मिले. स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों को आदिवासी भाषा, रीति-रिवाज, संस्कृति और उनके जीवन-मूल्यों के बारे में प्रशिक्षित किया जाना और संवेदनशील बनाना भी लाभकारी होगा.

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लातेहार मामले की हो निष्पक्ष जांच

आलोका ने कहा कि जून 2020 में पश्चिमी सिंहभूम के चिरियाबेड़ा गाँव के आदिवासियों की CRPF द्वारा सर्च अभियान के दौरान बेरहमी से पिटाई की गयी थी. कोर्ट में भी पुलिस की ओर से सच्चाई के विपरीत बयान दिया दर्ज किया गया है. अभी तक पीड़ितों को मुआवज़ा नहीं मिला है. ज़िम्मेवार CRPF बलों पर कार्रवाई नहीं हुई है. राज्य सरकार तुरंत लातेहार मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करे. आरोपी जवान के विरुद्ध नामज़द प्राथमिकी दर्ज करे. उचित प्रशासनिक कार्रवाई हो. मृत युवक के परिवार को पर्याप्त मुआवज़ा मिले.

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