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बीसीसीएल के खदानों में भरे पानी से मिलेगी राहत, पिट के पानी से धनबाद में होगी जलापूर्ति

Ranchi : झारखंड सरकार ने भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के बनाये गये, छोड़े गये पिट से जलापूर्ति करने का निर्णय लिया है. नगर विकास विभाग के सचिव अजय कुमार सिंह ने बीसीसीएल के सभी कोल पिट की जल की गुणवत्ता की जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा है. उन्होंने कहा है कि गिरिडीह तथा धनबाद के कई जगहों पर बीसीसीएल के खदानों में पानी जमा हुआ है. इससे धनबाद शहर की जलापूर्ति योजना को और सुदृढ़ किया जा सकता है. उन्होंने इस मामले पर बीसीसीएल के अधिकारियों से जानकारी भी प्राप्त की है. नगर विकास विभाग के सचिव को बताया गया कि गिरिडीह तथा अन्य जगहों पर बीसीसीएल के बंद खदानों में जमे पानी का उपयोग जलापूर्ति के लिए किया जा रहा है. गिरिडीह में तीन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बीसीसीएल के खदानों में जमे पानी से चल रहे हैं. इस पानी का ट्रीटमेंट कर उसे शहरी जलापूर्ति के रूप में प्रयोग किया जा रहा है.

जमे पानी का उपयोग शहर में करने का निर्देश

नगर विकास विभाग के सचिव ने धनबाद जलापूर्ति योजना की परामर्शी कंपनी एनजेएस इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड को धनबाद में बीसीसीएल के खदानों में जमे पानी का उपयोग शहर के फेज-2 स्कीम के लिए करने का निर्देश दिया. उन्होंने सलाहकार कंपनी के अधिकारियों से कहा कि वे पानी की गुणवत्ता और उसकी संभाव्यता (फिजिबिलिटी) पर सरकार को रिपोर्ट दें. इसको लेकर झारखंड शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (ज्यूडको) को भी निगरानी करने का आदेश दिया गया. यहां यह बताते चलें कि सरकार की तरफ से निरसा और सिंदरी के लिए अलग से जलापूर्ति योजना चालू करने की योजना बनायी गयी है. इतना ही नहीं माइनिंग एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (माडा) के अंतर्गत आनेवाले इलाकों और गैर माडा के इलाकों का सर्वेक्षण कर रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है.

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धनबाद के लिए नागार्जुन कंस्ट्रक्शन ने पूरी की थी जलापूर्ति योजना

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धनबाद शहर के लिए जलापूर्ति योजना पर हैदराबाद की कंपनी नागार्जुन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड ने काम किया था. योजना की लागत तीन सौ करोड़ से अधिक थी. इसमें धनबाद के मुख्य शहरी क्षेत्र को जोड़ा गया था. तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के कार्यकाल में योजना को क्रियान्वित किया गया था. उस समय नगर विकास मंत्री बच्चा सिंह थे.

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