
Hazaribag: हजारीबाग जिले के बड़कागांव प्रखण्ड स्थित एनटीपीसी पकरी बरवाडीह कोल माइंस प्रभावित चेपाकला गांव में भू-रैयतों की जमीन का मुआवजा दिये बिना ही बुधवार को बगैर सूचना दिये उनके आशियाने को कंपनी ने पुलिस के सहयोग से पांच जेसीबी मशीन लगाकर जबरन तोड़ डाला.
यहां तक कि घर में रखे सामान को भी निकालने का मौका नहीं दिया गया, जिसका विरोध करने पर रैयतों पर पुलिस द्वारा लाठियां बरसायी गयीं. इस घटना में एक पुलिस कर्मी व दर्जनों रैयत घायल हो गये. दो घायल ग्रामीणों को हजारीबाग रेफर कर दिया गया है.
कम्पनी की ओर से कहा जा रहा है की उक्त जमीन पर कंपनी के द्वारा नोटिस भेजकर पहले घर खाली करने को कहा गया था पर रैयत घर खाली नहीं करने पर अड़े थे जिसके कारण यह कार्रवाई की गयी.
जिनका घर तोड़ा गया उनमें कमलु ठाकुर, प्रभु ठाकुर, केदार ठाकुर, बाजो महतो, कारी नाथ महतो, दशरथ महतो, गुज्जू महतो (सभी चेपाकला) दशरथ राम, भजो राम, पदुम राम, धानेश्वर राम, देवनाथ राम, गोविंद राम, धानेश्वर तुरी, बालेश्वर तुरी, छोटेलाल तुरी, बैजनाथ भुइयां, कारू भुइया, विजय राम (जुगरा गांव के) शामिल हैं.
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विरोध करने पर लाठियां व पत्थर भी चले, जिससे लोग घायल हो गये. इस संबंध में घायल गुंजा देवी (पति सुरेश कुमार, चेपा कला) का कहना है कि हम लोग घर से चावल गेहूं व अन्य आवश्यक सामान निकाल ही रहे थे कि अचानक जेसीबी मशीन लाकर हम लोगों का घर तोड़ा जाने लगा.
मना करने पर पुलिसकर्मी ने पत्थर से मारकर घायल कर दिया. रूबी देवी (पति दीपक कुमार), अंजली देवी (पति कारी नाथ महतो), भारत महतो की भी पिटाई की गयी.
घायल गुंजा देवी समेत सभी को बड़कागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया और इलाज कराया गया .गंभीर रूप से घायल गुंजन देवी व जैप के जवान बैध टुडू को इलाज हेतु हजारीबाग रेफर कर दिया गया है.
इस संबंध में एनटीपीसी के कार्यकारी निदेशक प्रशांत कश्यप से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि यह कंपनी की कोई कार्रवाई नहीं थी. प्रशासन ने अपने स्तर से यह कार्रवाई की है इसपर कहना सही नही होगा.
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