
Ranchi: साहिबगंज के बरहरवा टोल प्लाजा टेंडर मामले में बरहरवा थाने में दर्ज मामले की 24 घंटे में क्लीन चिट देने के मामले की सीबीआई जांच का आग्रह करने वाली याचिका पर आंशिक सुनवाई मंगलवार को झारखंड हाईकोर्ट में हुई. मामले में राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि ईडी को प्रतिवादी बनाने के हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी के कोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है. इस पर प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता अभय मिश्रा ने कोर्ट को बताया गया कि कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है, अभी तक सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर अपलोड नहीं हुआ है. कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति प्रस्तुत करने का निर्देश देते हुए 24 जनवरी तक के लिए सुनवाई स्थगित कर दी.
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बता दें कि सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति एसके द्विवेदी की कोर्ट द्वारा ईडी को मामले में प्रतिवादी बनाते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश पर रोक लगा दी थी. सरकार की ओर ईडी को मामले में प्रतिवादी बनाने के हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. सुप्रीम कोर्ट ने मामले में ईडी को नोटिस जारी करते हुए सुनवाई की तिथि मार्च माह में निर्धारित की है. पिछली सुनवाई में राज्य सरकार, आलमगीर आलम और पंकज मिश्रा की ओर से कोर्ट से समय की मांग की गई थी.
यहां उल्लेखनीय है कि कि साहिबगंज के बरहरवा थाने में टोल प्लाजा टेंडर विवाद में शंभू नंदन कुमार ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी. इसमें पंकज मिश्रा पर टेंडर में भाग नहीं लेने की धमकी देने का आरोप लगाया गया था. पंकज ने टेलिफोनिक धमकी दी थी, लेकिन पुलिस ने उसके वॉइस रिकॉर्ड की फॉरेंसिक जांच नहीं कराई थी. साथ ही आधे घंटे में 14 गवाहों का बयान लेकर पुलिस ने मामले में पंकज मिश्रा और मंत्री आलमगीर आलम को क्लीन चिट दी थी. प्रार्थी की ओर से आरोप लगाया गया था कि मामले में जांच को प्रभावित करने के लिए इन दोनों को क्लीन चिट दी गई है, प्रार्थी ने इसकी सीबीआई जांच कराने का आग्रह किया है। मामले को लेकर बरहरवा साहिबगंज थाना कांड संख्या 85/2020 दर्ज कराई गई थी.निचली अदालत ने भी मामले में ट्रायल पर रोक लगाई है.




