
Jamshedpur : झारखंड के बंगभाषी रेलवे के कदम से गुस्से में हैं. उनका कहना है कि रेलवे को तत्काल पूर्व स्थिति बहाल करनी चाहिए. दरअसल, झारखंड के चाकुलिया प्रखंड इलाके में 90 प्रतिशत बांग्ला भाषी लोग रहते हैं. उनकी आबादी को नजरअंदाज कर रेलवे स्टेशन के नाम पट्ट से बांग्ला भाषा में स्टेशन के नाम के उल्लेख को हटा दिया गया है. इसको लेकर शनिवार को जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित मिलानी हॉल में बंगबंधु संस्था ने प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की.
संस्था के पदधारियों ने बताया कि राज्य के मुख्यमंत्री, जमशेदपुर के सांसद विद्युतवरण महतो एवं रेलवे के अधिकारियों से हस्तक्षेप करने की मांग ज्ञापन के माध्यम से की जाएगी. गौरतलब हो कि हाल ही में चाकुलिया रेलवे स्टेशन का सौंदर्यीकरण किया गया है. इस दौरान स्टेशन परिसर की नाम पट्टी से बांग्ला भाषा के उल्लेख को हटा दिया गया है. टाटा से सिनी तक सभी रेल स्टेशनों के नाम पट्ट में खुदाई कर बांग्ला में स्टेशन का नाम लिखे होने के बाबजूद उसे मिटा कर अन्य भाषा में लिख दिया गया है. संस्था के पदधारियों ने कहा कि पूरे राज्य में बांग्ला भाषी लोग सरकार एवं रेलवे के कदम से नाराज हैं. बांग्ला भाषी लोगों में इस कार्रवाई से उत्पन्न असंतोष को खत्म करने के लिए त्वरित पहल करते हुए पूर्व स्थिति बहाल किया जाना चाहिए.
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