
Ranchi: नयी शिक्षा नीति को ग्राम स्तर तक पहुंचाने के लिए विभाग ने अब तैयारी शुरू कर दी है. झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने इस संबंध में सभी जिलों के उपायुक्तों को निर्देश दिया है कि वे पंचायती राज विभाग के विभिन्न भागीदारों को नयी शिक्षा नीति के विभिन्न प्रावधानों से अवगत कराएं.
इन भागीदारों में जिला प्ररिषद, पंचायत समिति से ग्राम पंचायत के सदस्यों को इसकी जानकारी देनी होगी ताकि ये अपने क्षेत्र के स्कूल स्तर तक शिक्षकों को इसकी जानकारी बेहतर तरीके से बता सकें और बच्चों के बीच भी अपनी बातों को सरल तरीके से जरूरत पड़ने पर रख सकें. इस अभियान में कोविड-19 गाइडलाइन के अनुसार ही अपनी बातों को ग्राम स्तर तक पहुंचाना होगा.
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नयी नीति की पुस्तिका व अन्य माध्यम से सूचना उपलब्ध कराना है
नई नीति से संबंधित सारी जानकारी पंचायत प्रतिनिधियों को देनी होगी. राज्य परियोजना निदेशक शैलेश कुमार चैरसिया ने बताया कि अभी तक पंचायत प्रतिनिधियों की विशेष भूमिका रही है. खासकर के शिक्षा के क्षेत्र में इनके कार्य सराहनीय रहे हैं.
निःशुल्क व अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 में पंचायती राज संस्थान के प्रतिनिधियों को विशेष दायित्व दिया गया ताकि शिक्षा की अलख जगायी जा सके. दिये गये दायित्व में प्राथमिक शिक्षा बीच में छोड़ने वाले बच्चों को चिन्हित कर उनका नामांकन पुनः विद्यालय में कराने का था. साथ ही अन्य जिम्मेवारी दी गयी थी जिससे शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाया जा सके.
लेकिन अब नयी शिक्षा नीति की जिम्मेदारी फिर से इन भागीदारों के कंधों पर दी गयी है.
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