
Ranchi: देश के सबसे विवादित और संवेदनशील मसले पर शनिवार को सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला आया. शीर्ष अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए विवादित जमीन पर रामलला विराजमान का मालिकाना हक बताया है.
फैसला आने के बाद संप्रदायिक संवेदनशीलता बढ़ने की प्रबल संभावना को देखते हुए रांची जिला में धारा 144 लगा दी गयी है. जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त ने इस बाबत आदेश जारी किया है.
इस दौरान किसी भी संगठन, दल या उनके समर्थकों के द्वारा किसी भी तरह की सभा, जूलूस, जश्न मनाने पर पाबंदी रहेगी. कोई भी व्यक्ति बिना आदेश के लाउड स्पीकर का इस्तेमाल नहीं करेगा. 11 नवंबर तक धारा 144 लागू रहेगी.
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शुक्रवार रात से ही पुलिस बल तैनात
रांची एसएसपी अनीश गुप्ता ने सड़क पर निकलकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. अयोध्या फैसले को देखते हुए शुक्रवार की रात से ही जिले के संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात कर दिए गये हैं.
रांची के मेन रोड स्थित एकरा मस्जिद, हनुमान मंदिर, अल्बर्ट एक्का चौक, हरमू रोड हरमू चौक, कडरू सहित कई जगहों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिये गये हैं.
पुलिस लाइन में बड़ी संख्या में पुलिस वालों को रखा गया है तैयार
पुलिस लाइन में भी बड़ी संख्या में पुलिस वालों को तैयार रखा गया है. पुलिस अधिकारी अपने-अपने थाना क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे है.
एसएसपी अनीश गुप्ता ने सभी थानेदारों को भी विशेष अलर्ट करते हुए हर इलाकों में गश्ती बढ़ाने का निर्देश दिया है. इसके बाद से ही पुलिस संवेदनशील हर गली मोहल्लों में पेट्रोलिंग कर रही है. सभी धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष निगरानी रखी जा रही है.
SSP-DC ने लिया सुरक्षा व्यवस्था का जायजा
अयोध्या मामले में फैसला आने के बाद डीसी महिमापत रे, एसएसपी अनीश गुप्ता सुरक्षा का जायजा लेने के लिए सड़कों पर निकले. अल्बर्ट एक्का पहुंच कर एसएसपी ने सुरक्षा में तैनात पदाधिकारी और जवानों को दिशा निर्देश दिया.
अल्बर्ट एक्का चौक से डीसी और एसएसपी का काफिला सुजाता चौक की ओर निकला. वहीं, इससे पूर्व एसडीओ लोकेश मिश्रा के नेतृत्व में पूरे राजधानी में फ्लैग मार्च किया जा रहा है.
अल्बर्ट एक्का चौक से फ्लैग मार्च शुरू हुआ और सुजाता होते हुए डोरंडा हिनू बिरसा चौक, अरगोड़ा, कडरू ओवर ब्रिज होते हुए फ्लैग मार्च वापस अल्बर्ट एक्का चौक पहुंचा.
एसएसपी अनीश गुप्ता खुद पूरी सुरक्षा के मॉनिटरिंग कर रहे हैं. शनिवार सुबह से ही एसएसपी सिटी कंट्रोल रूम में बैठकर राजधानी की सुरक्षा पर निगरानी रखे हुए हैं.
बाइक दस्ता में एसडीओ लोकेश मिश्रा, सदर डीएसपी दीपक पांडेय, सिटी डीएसपी अमित सिंह और कोतवाली डीएसपी अजित कुमार विमल, डेली मार्केट इंस्पेक्टर पुलिस बल के साथ स्वयं पूरे शहरी क्षेत्र में भ्रमण कर रहे हैं.
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इन बातों पर रहेगी पाबंदी
- ऐसा कोई भी काम, जो धार्मिक उन्माद फैलाये.
- कोई भी व्यक्ति अफवाह नहीं फैलायेगा.
- सोशल मीडिया पर संदेश शेयर, टिप्पणी करने पर भी पाबंदी होगी.

- सोशल मीडिया के माध्यम से धार्मिक शौहार्द बिगाड़ने का प्रयास या किसी धर्म के संबंध में आपत्ति जनक टिप्पणी वर्जित रहेगी.
- कोई भी व्यक्ति, दल या संगठन बिना अनुमति के किसी प्रकार का प्रदर्शन, चक्का जाम, सभा जुलूस नहीं आयोजित करेंगे.
- किसी सार्वजनिक क्षेत्र पर पांच से छह लोग एकत्रित नहीं हो सकेंगे.
- इसके साथ ही इस दौरान किसी तरह का पर्चा नहीं बांटा जा सकता है.
क्या है सुप्रीम कोर्ट का फैसला
राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील अयोध्या विवाद पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई, जस्टिस एस ए बोबडे, जस्टिस धनन्जय वाई चन्द्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की 5 सदस्यीय बेंच ने सर्वसम्मति से फैसला सुनाते हुए विवादित जमीन रामलला की बतायी है.
साथ ही मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में ही दूसरी जगह 5 एकड़ जमीन देने का सरकार को निर्देश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में शिया वक्फ बोर्ड और निर्मोही अखाड़े के दावे को भी खारिज किया है.
मंदिर निर्माण के लिए शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार को तीन महीने में ट्रस्ट बनाकर निर्माण कराने को कहा है.





