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मानसिक रोगी संदीप ने लिखी थी रिम्‍स के डॉक्‍टर के चैंबर में खून से आपत्तिजनक बातें, आत्‍महत्‍या का भी किया था प्रयास

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Ranchi : गुरुवार की सुबह रिम्स में हडकंप मच गया था, जब डॉक्टर के चैंबर में फांसी का फंदा और खून का धब्बा मिला. उस वक्त हॉस्पिटल में सनसनी फैल गयी. पुलिस छानबीन में लग गई, मामले की जांच का नेतृत्व सिटी एसपी सुजाता वीणापाणी स्वयं कर रही थीं. दोपहर 3 बजे तक सिटी एसपी खुद रिम्स में जांच करने पहुंची, लेकिन फिर भी कुछ नहीं मिला. किसी को कुछ समझ में नहीं आ रहा था. इसी बीच पुलिस के हाथ एक सबुत हाथ लगी. जैसे जैसे शाम हुई पुलिस इस केस का सिरा ढूंढने में कामयाब होते दिखी. जिस कमरे में घटना घटी थी, वहां एक आलमीरा भी गिरा पड़ा था.

जब इसे उठाया गया तो उसके नीचे से दबा जैकेट बरामद किया गया. जैकेट के पैकेट से डॉ विद्यापति यूनिट में इलाजरत  दिनेश उरांव का पास मिला. इसके बाद इस मामले में छानबीन में थोडी मदद मिली. पास मिलते ही पुलिस फौरन दिनेश उरांव के पास पहुंची. दिनेश उरांव के परिजनों से पास और जैकेट के बारे में पता किया. दिनेश उरांव के परिजनों ने बताया यह जैकेट संदीप उरांव का है और वह सुबह से लापता है. संदीप उरांव के बारे में पता किया गया तो उसके नामकुम में होने की खबर मिली. पुलिस नामकुम पहुंच कर संदीप उरांव को हिरासत में ले लिया और कड़ाई से पूछताछ की तब जाकर घटना स्पष्ट हुई.

संदीप ने खुद ही किया था आत्महत्या का प्रयास

शाम 5 बजे सिटी एसपी ने मीडिया को बयान देते हुए बताया कि संदीप उरांव मानसिक रूप से बीमार है. बीती रात वह डॉ के चैंबर में बाथरूम की दीवार फांद कर घूसा था, डॉक्टर के चैंबर के पर्दे से उसने पहले फांसी लगाने की कोशिश की. कोशिश में नाकाम होने पर चैंबर में रखे औजारों से उसने शरीर के कई भागों को कट किया, उसने अपना गला भी काटने की कोशिश की. इसी दौरान चैंबर में चारों तरफ खून फैल गया. सिटी एसपी ने बताया कि आत्महत्या के प्रयास में असफल होने के बाद संदीप ने ही अपने खून से दीवार पर आपत्तिजनक बातें लिखी थी. इसकी पुष्टि संदीप ने पुलिस के सामने अपने बयान में कर दी है.

क्या था पूरा मामला

दरअसल गुरुवार की सुबह रिम्स के चर्म एवं यौन रोग विभाग के यूनिट नंबर दो में प्रोफेसर धर्मेंद्र कुमार के चैंबर में फांसी का फंदा लटका मिला था. साथ ही चैंबर में काफी मात्रा में खून भी पसरा हुआ था. इतना ही नहीं डॉक्टर के चैंबर के दोनों दीवारों पर खून से आपत्तिजनक बातें भी लिखी हुई थी. घटना के बाद रिम्स में कोहराम मच गया था. एफएसएल से लेकर बरियातू पुलिस मौके पर जांच करने पहुंची थी. लेकिन किसी डेडबॉडी के घटना स्थल पर नहीं होने के कारण मामला गंभीर बना हुआ था.

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