
Ranchi : अरविंद सिंह हत्याकांड में फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी को लेकर मृतक के छोटे भाई राज कमल सिंह ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू सहित कई आला अधिकारियों को पत्र लिखा है.
अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि हरमू हॉउसिंग कॉलोनी निवासी अरविंद सिंह की हत्या बीते 10 वर्ष दिसंबर को भवनाथपुर में एक कार्यक्रम में हुई थी. इस संदर्भ में भवनाथपुर थाना में 234/2000 मामला दर्ज कराया गया था. घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के द्वारा पुलिसकर्मियों के दिये बयान में यह साबित होता है कि घटना में नामजद अभियुक्त धनंजय सिंह ने अरविंद सिंह को गोली मारी थी.
लेकिन अभी तक धनंजय सिंह पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. वहीं नामजद अभियुक्त द्वारा हमारे परिवार द्वारा केस वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है. ऐसे में जरूरी है कि नामजद अभियुक्त के साथ घटना में शामिल अन्य लोगों को गिरफ्तार किया जाये. मृतक के भाई ने पत्र की प्रतिलिपि मुख्य सचिव, डीजीपी, पलामू डीजीपी, गढ़वा एसपी को भी दिया है.

इसे भी पढ़ें : Palamu : बर्ड फ्लू की आशंका के कारण ब्रायलर चिकन के दाम में गिरावट, 25 प्रतिशत ही हुई बिक्री, रेहला में मृत मिला कौआ
शिकायत में मृतक के भाई ने कई बातों से इंगित किया है
- मृतक का मोबाइल 48 घंटे तक घटनाक्रम के बाद तक चालू था, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.
- मुख्य अभियुक्त धनंजय सिंह का मोबाइल घटना के 20 घंटे बाद तक चालू नहीं था, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी.
मुख्य अभियुक्त के घर तक आज तक पुलिस नहीं पहुंच पायी. - एक अभियुक्त अवध बिहारी सिंह का मोबाइल घटना के 36 घंटे तक चालू था, सिर्फ खानापूर्ति के लिए उसके घर से पुलिस ने केवल मोबाइल जब्त किया.
- अभियुक्त विनय भूषण सिंह, जो रामगढ़ का रहनेवाला है, पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी.
- आज तक मुख्य अभियुक्त धनंजय सिंह की गाड़ी का नंबर नहीं पता चला, जो इस घटना में उपयोग किया गया था.
- घटना में शामिल चितरंजन सिंह उर्फ टुनटुन खुलेआम घूम रहा है. लेकिन पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी है.
- मुख्य आरोपी के दो रायफलधारी गार्ड के बारे में भी आज तक कोई भी जानकारी नहीं मिल सकी है.
- आज तक यह पता नहीं चल पाया है कि धनंजय सिंह के पिस्टल का लाइसेंस कहां से जारी किया गया है.
- पुलिस ने एफआइआर अपने हिसाब से ड्राफ्ट की है, जबकि प्रत्यक्षदर्शी ने अपने बयान में स्पष्ट कहा है कि गोली धनंजय सिंह ने ही चलायी है.
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का समय नहीं बताया गया है.
- अभियुक्त द्वारा प्रयुक्त एटीएम एवं ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की जानकारी नहीं है.
- कार में खून के धब्बे हैं जो आज तक फॉरेंसिक टीम के द्वारा जांच नहीं की गयी है.
- होटल जहां पर घटना हुई, उन पर भी कोई कार्यवाही नहीं की गयी है. होटल मालिक ने पुलिस आने से पहले सारे साक्ष्य को साफ-सफाई कर मिटा दिया.
- घटना की सुबह लगभग 9:00 बजे मैंने अपने मोबाइल से अवध बिहारी सिंह के मोबाइल पर बातचीत की. उन्होंने कहा, अरविंद सिंह आ रहे हैं जबकि उनकी मृत्यु रात में ही हो गयी थी.

सबसे बड़ी ध्यान देनेवाली बात यह है कि घटनास्थल से लगभग 500 मीटर की दूरी पर भवनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है. लगभग 15 किलोमीटर पर नगर अनुमंडल स्वास्थ्य केंद्र है. और 50 किलोमीटर की दूरी पर गढ़वा सदर अस्पताल. लेकिन वहां न ले जाकर भवनाथपुर से लगभग 100 किलोमीटर दूर डालटेनगंज सदर अस्पताल के बाहर धनंजय सिंह और अन्य साथी अरविंद सिंह को बाहर लावारिस अवस्था में छोड़ कर भाग गये. जो प्रमाणित करता है यह हत्या साजिश के तहत की गयी है.
इसे भी पढ़ें : कोरोना के खिलाफ जंग का आगाज 16 से, 200 रुपये होगी एक डोज की कीमत




