
Jammu: पिछले 13 वर्षों से नजरबंद कट्टरपंथी अलगाववादी तथा हुर्रियत (जी) के पूर्व प्रमुख सैय्यद अली शाह गिलानी का बुधवार देर रात निधन हो गया. वे 92 वर्ष के थे. बुधवार को सांस लेने में परेशानी के बाद हैदरपोरा स्थित आवास पर चिकित्सक उनकी गहन देखरेख कर रहे थे. रात करीब साढ़े दस बजे उन्होंने अंतिम सांस ली. निधन की सूचना मिलते ही घाटी में मोबाइल इंटरनेट सेवा को स्थगित कर दी गई है. अनंतनाग से हुर्रियत नेता तथा जम्मू-कश्मीर पीपुल्स लीग के अध्यक्ष मुख्तार अहमद वाजा को देर रात गिरफ्तार कर लिया गया. बताया जाता है कि सुबह पांच बजे हैदरपोरा में उन्हें सुपुर्द ए खाक कर दिया गया.
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पुलिस अधिकारी ने बताया कि गिलानी के निधन के बाद घाटी में अलर्ट कर दिया गया. सभी जिलों के एसएसपी को कानून व्यवस्था बनाए रखने की हिदायत दी गई है. राज्य के संवेदनशील स्थानों पर विशेष सुरक्षा निगरानी रखी जा रही है. पुलिस ने उत्तरी कश्मीर के लोगों से श्रीनगर नहीं जाने की सलाह दी है और संयम बरतने की अपील की है. गिलानी के परिजन चाहते हैं कि उन्हें श्रीनगर के शहीदी कब्रगाह में उन्हें दफनाया जाए. परिजन दिन के दस बजे के करीब दफनाने की बात कर रहे थे. वे तीन बार सोपोर से रहे विधायक रहे हैं.
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उनके निधन पर पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती व पीपुल्स कांफ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद गनी लोन ने संवेदना प्रकट की है. महबूबा ने ट्वीट किया कि गिलानी साहब के निधन की खबर से दुखी हूं. हम ज्यादातर बातों पर सहमत नहीं हो सकते हैं, लेकिन मैं उनकी दृढ़ता और उनके विश्वासों के साथ खड़े होने के लिए उनका सम्मान करती हूं.




