
Ranchi: जमशेदपुर के अधिवक्ता प्रकाश यादव की हत्या से आक्रोशित अधिवक्ताओं का गुस्सा पूरे राज्य भर में दिखा. आक्रोशित अधिवक्ताओं ने राज्य भर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर खुद को अदालत की कार्यवाही से दूर रखते हुए प्रकाश यादव की हत्या में संलिप्त अपराधियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है.
वहीं झारखंड स्टेट बार काउंसिल के निर्देश पर राज्य के सभी न्यायालयों एवं ट्रिब्यूनल समेत अन्य न्यायाधिकरण में भी अधिवक्ता अपने मुकदमों की सुनवाई के लिए उपस्थित नहीं हुए और खुद को सभी तरह के न्यायिक और गैर न्यायिक कार्यों से अलग रखा.
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स्टेट बार काउंसिल के उपाध्यक्ष और जमशेदपुर के अधिवक्ता राजेश शुक्ल ने जमशेदपुर की घटना की कड़ी शब्दों में निंदा की है. अधिवक्ता प्रकाश यादव की हत्या में संलिप्त अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग उठाते हुए मृतक अधिवक्ता के परिजनों को एक करोड़ रुपए मुआवजा राशि देने की मांग की गयी है. साथ ही झारखंड के सभी अधिवक्ताओं से आग्रह किया है कि इस घटना में संलिप्त अपराधियों का मुकदमा कोई भी अधिवक्ता न लड़े.
वही स्टेट बार काउंसिल के मीडिया कन्वीनर संजय विद्रोही ने कहा है कि इस राज्यव्यापी आंदोलन के बाद आगे की रणनीति तय कर प्रकाश यादव के हत्यारों को सजा दिलाने की दिशा में भी काउंसिल काम करेगा. इस घटना के बाद एक बार फिर झारखंड सरकार से एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग मुखर कर दी गई है, ताकि झारखंड के सभी अधिवक्ता मजबूती से अदालतों में अपने मुवकिलों के लिए मुकदमा लड़ सके.
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