
Dilip Kumar
Palamu: पलामू जिले में लगातार सरकारी योजनाओं में घोटाले हो रहे हैं. समाज कल्याण में 11 करोड़ के पोषाहार घोटाला, भूअर्जन ने 13 करोड़ की अवैध निकासी, पीएम आवास में 33 लाख के गबन के बाद अब शौचालय निर्माण में 39 लाख का घोटाला सामने आया है.
मामला सामने आने के बाद इसमें जलसहिया, कॉन्ट्रेक्टर और ब्लॉक कॉर्डिनेटर की मिलीभगत सामने आयी है. 10 माह पूर्व पूरे पैसे की निकासी हो गयी जिसके बावजूद धरातल पर सैकड़ों शौचालय नहीं बने हैं.
कानूनी कार्रवाई होने के डर से जल सहिया ने मामले का खुलासा किया है. जिले के पांकी प्रखंड के सगालीम व परसिया गांव का मामला है.
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अग्रिम भुगतान लिया, नहीं किया काम
जिले के पांकी प्रखंड अंतर्गत सगालीम एवं परसिया गांव में शौचालय योजना में बड़े पैमाने पर गबन का मामला सामने आया है.
सगालीम गांव की जलसहिया ने मार्च 2019 तक 312 शौचालय की अग्रिम राशि 37 लाख 44 हजार रुपये शौचालय निर्माण का कार्य कर रहे संवेदक रंजीत ट्रेडर्स के संचालक रंजीत मेहता को दिये.
लेकिन कई माह बीत जाने के बाद भी धरातल पर सैकड़ों शौचालय का कार्य नहीं हुआ व 312 शौचालयों में से कुल 116 शौचालय का निर्माण कार्य ही किया गया.
शेष 196 शौचालय का निर्माण न करते हुए रंजीत ट्रेडर्स के द्वारा 23 लाख 52 हजार की राशि डकार ली गयी.
कम शौचालय बनाये और डकार गये रकम
दूसरा मामला सगालीम पंचायत के परसिया गांव का है जहां की जलसहिया सविता देवी ने कुल 380 शौचालयों का 45 लाख 60 हजार रुपये कुल 9 किस्तों में चेक के माध्यम से 4 अप्रैल तक रंजीत मेहता को दिये.
लेकिन धरातल पर सिर्फ 251 शौचालय ही हैं. शेष 129 शौचालय का निर्माण कार्य नहीं हुआ व 15 लाख 48 हजार रुपए भी उसी संवेदक के द्वारा डकार लिये गये.
लगभग 10 महीने बीत जाने के बाद रंजीत ट्रेडर्स के संचालक रंजीत मेहता को कई बार जलसहिया ने शौचालय निर्माण हेतु गुहार भी लगायी.
बावजूद इसके शौचालय निर्माण कार्य नहीं किया गया जिसके बाद जलसहिया ने कानूनी कार्रवाई होने के डर से ग्राम सभा में अपनी समस्या रख इसका खुलासा किया.
जल सहिया बबीता कुमारी ने बताया कि सगालीम गांव में शौचालय निर्माण हेतु 37 लाख 44 हजार रुपये मुखिया सोना कुवर एवं उनके द्वारा चेक के माध्यम से 8 किस्तों में रंजीत मेहता को दिया गया.
चेक मिलने के बाद रंजीत मेहता ने शौचालय निर्माण का कार्य शुरू किया लेकिन संख्या से कम ही शौचालय का निर्माण कार्य किया जाने लगा.
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कोऑर्डिनेटर ने बनाया था दबाव
इसी बीच जलसहिया को रंजीत मेहता पर शक हुआ व उन्होंने रंजीत मेहता को पैसे देने के लिए मना किया, लेकिन ब्लॉक कोऑर्डिनेटर मोहम्मद अजहर ने उन्हें दबाव दिया कि वे रंजीत ट्रेडर्स को पैसे का भुगतान कर दें.
जिसके बाद उन्होंने गत 18 मार्च को अंतिम और आठवां चेक देते हुए कुल 37 लाख 44 हजार रुपये का भुगतान किया, लेकिन रंजीत मेहता ने अब तक कुल 116 शौचालय का ही निर्माण कार्य करवाया.
लगभग 10 महीने से ज्यादा अवधि हो जाने के बाद भी शौचालय का निर्माण कार्य ना होने से घबराई जल सहिया ने सभी शौचालयों को नंबरिंग कर जिला के अधिकारियों को इसकी सूचना दी. साथ ही ग्राम सभा कर उन्होंने ग्रामीणों के समक्ष अपनी समस्या रखी.
चर्चा का विषय बना गबन
जल सहिया ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि बगैर शौचालय निर्माण के ही ब्लॉक कोऑर्डिनेटर मोहम्मद अजहर के द्वारा सगालीम गांव को ओडीएफ घोषित हेतु उनकी सहमति का दबाव बनाया जा रहा था.
वहीं जलसहिया सविता देवी ने भी परसिया गांव में हुए शौचालय के पैसे घोटाले की पोल खोली.
दोनों गांव से लगभग शौचालय योजना के 39 लाख रुपये के घपले से पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय है व यह प्रश्न उठ रहा है कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही में मुखिया, जल सहिया, संवेदक व ब्लॉक कर्मी में से किसका हाथ है.
मेरी जानकारी में मामला नहीं है: पांकी बीडीओ
मामले में पांकी बीडीओ फुलेश्वर मुर्मू का पक्ष जानने की कोशिश की गयी तो उन्होंने कहा कि उन्हें कोई जानकारी नहीं है. मामला आने पर कार्रवाई करेंगे.
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