
Jamtara : जामताड़ा रेलवे साइडिंग में कोयला लोडिंग में कम मजदूरी दिए जाने को लेकर मजदूरों ने एकदिवसीय धरना दिया. धरना को कांग्रेस और मजदूर संगठनों के नेताओं ने समर्थन दिया. इस अवसर पर जामताड़ा विधायक डॉ इरफान अंसारी व बाघमारा धनबाद कांग्रेस नेता सह इंटक नेता रणविजय सिंह भी पहुंचे. इन नेताओं ने भी मजदूरों की मांगों का समर्थन किया. मौके पर डॉक्टर इरफान अंसारी ने कहा कि यह घोर विडंबना है कि मजदूरों को आज भी 80 रुपये मजदूरी दिया जा रहा है. यहां के लोगों के साथ यह बहुत बड़ा धोखा है कि 23 साल से अब तक मजदूरों को उनकी मजदूरी के लिए इतने कम पैसे मिल रहे हैं. सिर्फ 80 रुपये में लोग कैसे गुजर बसर कर सकते हैं. यह चिंता का विषय है. कहीं ना कहीं ये ईसीएल प्रबंधन की भी बहुत बड़ी लापरवाही है. इसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
इसे भी पढ़ें :मन की बात में बोले पीएम मोदीः मजबूत किसान ही ‘आत्मनिर्भर भारत’ के आधार
मांगे पूरी नहीं हुई तो आंदोलन तेज होगा
विधायक अंसारी ने कहा कि अगर मांगे पूरी नहीं हुई तो आंदोलन तेज किय़ा जायेगा. साइडिंग को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया जायेगा. पूर्व में हम लोगों ने साइडिंग इसलिए बंद किया था कि डंपर ज्यादा से ज्यादा चले ताकि लोगों को रोजगार मिल सकें. परंतु आज साइडिंग में मशीनों के द्वारा कोयला की लोडिंग ट्रेनों में होता है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. मशीन द्वारा कोयले की लोडिंग नही करने दी जाएगी. हमारे गरीब मजदूरों के माध्यम से ही कोयला का लोडिंग होगा. सभी मजदूरों को 300 रुपये प्रतिदिन मजदूरी मिलने का भरोसा दिलाया. कहा वह जल्द ही चितरा एसपी माइंस के जीएम व ट्रांसपोर्टर के साथ बैठक कर मजदूरों की मांगों को रखेंगे.
इसे भी पढ़ें :जामताड़ा के शिक्षकों ने विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा आवेदन, न्याय की लगाई गुहार
मजदूरो के साथ हो रहा अन्याय
बाघमारा से आए कांग्रेसी नेता व इंटक नेता रणविजय सिंह ने कहा कि इस तरह का सौतेला व्यवहार जामताड़ा साइडिंग में मजदूरों के साथ हो रहा है. यह कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. मजदूर यूनियन की राजनीति मैं करता रहा हूं, लेकिन पहली बार देखा कि यहां की साइडिंग लूट का अड्डा बन गया है. इसे किसी कीमत पर हम लोग बर्दाश्त नहीं करेंगे और इसलिए बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जायेगा.
धरना में कांग्रेस जिलाध्यक्ष, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष विनोद क्षेत्रीय, कराली चरण सरखेल, पप्पू डालमिया सहित यूनियन के नेतागण मौजूद थे.
इसे भी पढ़ें :BJP को बड़ा झटका, कृषि बिल के विरोध में NDA से अलग हुआ सबसे पुराना सहयोगी अकाली दल




