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आकांक्षा कोचिंग : प्रति छात्र खर्च हो रहे 50 हजार, फिर भी सफल स्टूडेंट्स का नहीं बढ़ रहा ग्राफ

  • 2016 में तत्कालीन रघुवर सरकार ने की थी आकांक्षा कोचिंग की शुरुआत
  • सरकारी स्कूलों से पासआउट स्टूडेंट्स को मेडिकल और इंजीनियरिंग में दाखिले की तैयारी कराती है यह कोचिंग

Ranchi : माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से 2016 में शुरू हुई आकांक्षा कोचिंग औसतन ही चल रही है. अपने शुरुआती साल में जिला, प्रमंडल और फिर राज्य स्तर पर संचालित होती थी. लेकिन, अब छात्र नहीं मिलने की वजह से केवल राज्य स्तर पर ही संचालित हो रही है. इस कोचिंग संस्थान में मेडिकल और इंजीनियरिंग परीक्षा की तैयारी के लिए सरकारी स्कूल के प्रतिभावान बच्चों का चयन किया जाता है.

राज्य स्तर के इस सरकारी कोचिंग संस्थान ने बीते चार साल में औसत रिजल्ट ही दिये हैं. यहां से हर साल इंजीनियरिंग और मेडिकल की परीक्षा में औसतन 20 बच्चे सफल हो रहे हैं.

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50 हजार प्रति छात्र होते हैं खर्च

शिक्षा विभाग को इस कोचिंग को संचालित करने में प्रति छात्र औसतन 50 हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं. इस कोचिंग में एंट्रेंस एग्जामिनेशन से चयनित स्टूडेंट्स को परीक्षाओं की तैयारी करायी जाती है. ऐसे चयनित स्टूडेंट्स के रहने, खाने और किताबों पर होनेवाले खर्च का वहन शिक्षा विभाग करता है. वहीं, यहां वर्तमान में 10 शिक्षक मेडिकल-इंजीनियरिंग परीक्षाओं की तैयारी कराते हैं. एक शिक्षक को प्रति क्लास शिक्षा विभाग की ओर से 2000 रुपये दिये जाते हैं.

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नहीं मिल पाते स्टूडेंट्स

सरकार द्वारा नि:शुल्क कोचिंग देने के बाद भी राज्य के स्टूडेंट्स की रुचि नहीं बन पा रही है. इसका आंकलन एडमिशन टेस्ट के रिजल्ट से किया जा सकता है. शैक्षणिक सत्र 2019-20 के लिए ली गयी नामांकन परीक्षा में 181 विद्यार्थियों का चयन किया गया था, जिसमें मेडिकल के लिए 103 और इंजीनियरिंग के लिए 78 छात्र-छात्राओं का चयन किया गया. इसी साल की मेडिकल-इंजीनियरिंग की परीक्षाओं में आकांक्षा कोचिंग से 80 स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी, जिनमें से केवल 29 ही सफल हुए. इस साल के एडमिशन टेस्ट में लगभग 400 स्टूडेंट्स सफल हुए हैं. वहीं, साल 2020 की जेईई एडवांस्ड की परीक्षा में पांच स्टूडेंट्स ने ओबीसी कैटेगरी में सफलता प्राप्त की है.

संख्या के साथ सुविधाएं भी बढ़ायी जायेंगी

माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने कहा कि आकांक्षा-40 के लिए विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने पर संसाधनों और सुविधाओं को भी बढ़ाया जायेगा. न्यू आकांक्षा कोचिंग शुरू की जायेगी. क्लासेज और फैकल्टी मेंबर्स भी बढ़ाये जायेंगे. फिलहाल यहां कंप्यूटर लैब खोलने के लिए पहल की जा रही है. इसके अलावा यहां के विद्यार्थियों के लिए ड्रेस कोड लागू करने पर भी विचार किया जा रहा है.

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