
Ranchi : झारखंड राज्य विवि महाविद्यालय शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघ 6 सूत्री मांगों को लेकर रांची विवि में चार दिवसीय धरने पर हैं. राज्य भर के सभी विवि के शिक्षकेत्तर कर्मचारी भाग ले रहे हैं. संघ का ये धरना चौथे चरण का है. पहले चरण में उन्होंने काला बिल्ला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया था. दूसरे चरण में पूरे राज्य के विवि मुख्यालय में एक दिवसीय धरना का आयोजन किया था. वहीं 5 और 6 दिसंबर को राजभवन के समक्ष धरना दिया था. इनके धरना में चले जाने से सभी विवि के कार्यालय का कार्य पूरी तरह से बाधित हैं. संघ के महामंत्री सुदर्शन पांडेय ने बताया कि मुख्यमंत्री ने 2 या 3 मार्च को मिलने का वादा किया है.
कर्मचारियों को नहीं दिया जा रहा है 7वां वेतनमान
शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ के महामंत्री सुदर्शन पांडे ने बताया कि हमने चरणबद्ध तरीके से अपनी मांगाें रखा है. हमने राजभवन के समक्ष भी धरना दिया, शिक्षा मंत्री से भी बात की. इसके बावजूद हमारी मांगें पूरी नहीं हो रही हैं. शिक्षकों को 7वां वेतनमान सरकार फरवरी माह से देने जा रही है, लेकिन कर्मचारियों के लिए कोई चर्चा नहीं है. शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की मांग है कि शिक्षकों के साथ उनको भी 7वां वेतनमान दिया जाये. उन्होंने साफ किया कि हमारी मांग नहीं मानी जाती है तो आनेवाले समय में हम अनिश्चितकालिन हड़ताल में चले जायेंगे.
प्रमुख मांगें
- पांचवां एवं छठा वेतनमान में वेतन निर्धारण से वंचित सेवानिवृत्त कर्मियों का वेतन निर्धारण कराया जाये
- सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में शिक्षकेत्तर कर्मियों को एसीपी एवं एमएसीपी का लाभ प्रदान किया जाये
- पूर्ववर्ती बिहार राज्य की तरह झारखंड राज्य के शिक्षकेत्तर कर्मियों की सेवानिवृत्त आयु सीमा 62 वर्ष किया जाये
- सातवा वेतनमान जनवरी 2016 के प्रभाव से लागू करें
- 1996 से 2000 तक के 5वां वेतनमान बकाया राशि का भुगतान कराया जाये
- 2004 के बाद नियुक्त शिक्षकेत्तरकर्मियों को पेंशन का लाभ दिया जाये
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