
Girish malviya
विजय माल्या की किंगफ़िशर एयरलाइंस की तरह एक ओर एयरलाइंस कंपनी कर्ज डुबोकर तगड़ा झटका देने जा रही है. लेकिन न खाउंगा ने खाने दूंगा की बात करने वाले उसे करदाताओं के पैसे से भरपूर खुराक खिला रहे हैं. हम बात कर रहे हैं जेट एयरवेज की. कुछ दिन पहले भाजपा प्रवक्ता किंगफ़िशर एयरलाइंस में गांधी परिवार की हिस्सेदारी के आरोप लगा रहे थे, लेकिन बीते दशकों में यदि किसी एयरलाइन्स कंपनी के साथ गांधी परिवार का नाम जोड़ने की कोशिश की गयी थी तो वह किंगफ़िशर नहीं थी बल्कि जेट एयरवेज थी, लेकिन न उस बात में कोई दम निकला न इस बात में कोई दम है. पिछले महीने यह खबर सुर्खियां में थी कि जेट एयरवेज के पास अपने पायलटों और अन्य स्टाफ को सैलरी देने को पैसे नहीं है और न विमानों के मेंटनेंस के लिए पैसा है.
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कंपनी को बीती तिमाही में 1,326 करोड़ रुपये का घाटा हुआ
कंपनी को दो महीने के बाद चलाना असंभव है और मैनेजमेंट को सैलरी कट और दूसरे उपायों से खर्चे घटाने की जरूरत है. इस बीच कंपनी को बीती तिमाही में 1,326 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है. 2018 में जेट एयरवेज का शेयर 63% गिर चुका है. वित्त वर्ष 2018 में जेट को 767 करोड़ का घाटा हुआ. रेटिंग एजेंसी इक्रा ने जेट एयरवेज की लघु और दीर्घावधि ऋण सुविधाओं के लिए क्रेडिट रेटिंग घटा दी थी. 2018 के मार्च अंत तक जेट एयरवेज पर 81.5 अरब रुपये का कर्ज था और चालू वित्त वर्ष में उसे 31.20 अरब रुपये का पुनर्भुगतान करना है. देश के सबसे बड़े ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने जेट एयरवेज के कर्ज को निगरानी सूची में रखा है.
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एसबीआई ने जेट एयरवेज को कर्ज दिया हुआ है
दरअसल एसबीआई ने जेट एयरवेज को कर्ज दिया हुआ है अब ऐसी डूबने वाली कम्पनी को 2100 करोड़ रुपये ओर कर्ज दिया गया है. जेट एयरवेज के उप-मुख्य कार्यपालक अधिकारी तथा मुख्य वित्त अधिकारी अमित अग्रवाल ने कहा कि कंपनी को 30 करोड़ डालर की राशि पट्टा प्रोत्साहन तथा बैंक कर्ज से प्राप्त हुआ है. हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि कहां से कितनी राशि मिली, साफ है कि मोदी सरकार में कर्जो को रिस्ट्रक्चरिंग करने का खेल अभी जारी है. कल को यदि जेट एयरवेज दीवालिया होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी मोदी सरकार की ही होगी. जेट की पार्टनर एतिहाद एयरवेज इस साल दिसंबर तक जेट एयरवेज में अपनी पूरी 24% हिस्सेदारी बेच सकती है. जैसे ही यह डील होगी, बैंको का दिया गया कर्ज पूरी तरह से डूब जायेगा.
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नरेश गोयल के नीरव मोदी की कंपनियों से गहरे रिश्ते हैं
जेट के मालिक नरेश गोयल के नीरव मोदी की कंपनियों से गहरे रिश्ते रहे हैं जैट एयरवेज की हवाई उड़ानों पर नीरव मोदी के विज्ञापन दिखाये जाते हैं. प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने पिछले साल लखनऊ हवाई अड्डे पर जैट एयरवेज के अधिकारियों को गिरफ्तार किया, जो खाड़ी से आने वाली जैट एयरवेज की उड़ानों में सोने और हीरे की तस्करी करवा रहे थे, लेकिन उसके बावजूद जेट पर कोई कार्रवाई नही की गयी है. यह साफ दिख रहा है कि जेट एयरवेज जैसी कंपनियां भारत की अर्थव्यवस्था को बड़ा तगड़ा झटका देने जा रही हैं, लेकिन किंगफिशर पर हल्ला मचाने वाली मोदी सरकार की इस विषय पर चुप्पी संदेह उत्पन्न करती है.




