
New Delhi: दिल्ली दंगों की जांच जारी है. वहीं जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद का नाम दिल्ली दंगों से जुड़ रहा है. दरअसल, उमर खालिद का एक भाषण फिर विवादों में है. 17 फरवरी को महाराष्ट्र के अमरावती में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उमर खालिद ने लोगों से सड़क पर उतरने की अपील की थी.
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कथित भाषण का वीडियो सामने आया है. जिसके बाद उमर खालिद जांच एजेंसियों की नजर में हैं. दरअसल, जांच एजेंसियां खालिद के भाषण को पिछले दिनों नई दिल्ली में भड़की हिंसा से जोड़कर देख रही हैं. सूत्रों की मानें तो, जांच एजेंसियों को शक है कि दिल्ली की हिंसा सुनियोजित थी और इस बात का शक उन्हें खालिद के भाषण से हो रहा है.
क्या कहा था खालिद ने ?
अमरावती में हुई जनसभा को जो वीडियो सामने आया है, उसमें जेएनयू के पूर्व नेता उमर खालिद ने कहा था, ‘जब अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप भारत में होंगे तो हमें सड़क पर उतरना चाहिए. 24 तारीख को जब ट्रंप आएंगे तो बताएंगे कि हिंदुस्तान की सरकार देश को बांटने की कोशिश कर रही है. महात्मा गांधी के उसूलों की धज्जियां उड़ा रही है. हम यह बताएंगे कि हिंदुस्ताान की आवाम हिंदुस्तासन के हुक्मगरानों के खिलाफ लड़ रही है. उस दिन हम तमाम लोग सड़कों पर उतरकर आएंगे.’
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वीडियो की होगी फॉरेंसिक जांच
17 मिनट के अपने भाषण में खालिद ने कहा था कि देश के हर कोने में आज एक शाहीन बाग है. सूत्रों का कहना है कि इसके बाद दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे लोगों ने जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास शाहीन बाग दोहराने का प्लान बनाया.
अब जांच एजेंसियां उमर खालिद के इस भाषण को दिल्ली दंगों और शाहीनबाग से जोड़कर देख रही है. दिल्ली पुलिस इस वीडियो की फॉरेंसिक जांच करायेगी, कि वीडियो में किसी तरह की छेड़छाड़ तो नहीं हुई है.
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