News Wing
Ranchi, 18 August:
राज्य में गौरक्षा के नाम पर हुई हत्याओं और संप्रादायिक घटनाओं में संलिप्त लोगों के खिलाफ प्रशासन और सरकार के रवैये से आम जनता नाखुश है. लोगों का भरोसा टूट रहा है. यह कहना है आदिवासी मूलवासी महासभा के सचिव रंजीत उरांव का. रंजीत ने कहा कि आरटीआई के तहत उन्होंने 2015 से जून 2017 तक गौ तस्कर के नाम पर हुई गिरफ्तारी और संप्रादायिक तनाव में हुई मौत को लेकर कार्मिक एवं प्रशासनिक विभाग से सूचना मांगी थी. उन्होंने यह भी पूछा था कि ऐसे मामलों में कितने दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई. रंजीत को जो जवाब मिला है, उससे वह संतुष्ट नहीं हैं. इसलिए कोर्ट का दरवाजा खटखटायेंगे. रंजीत उरांव ने कहा कि वे एनआईए, सीबीआई या सेवानिवृत जजों की कमेटी से दंगा और सांप्रदायिक घटनाओं की जांच कराने की मांग करेंगे, साथ ही इसकी सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में किए जाने की अपील करेंगे.
अधिकांश घटना में एक खास संगठन शामिल हैः एस अली
आमया के अध्यक्ष एस अली ने कहा कि राज्य में संप्रादायिक घटना, गौ रक्षा के नाम कर हिंसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री, राज्यपाल और विपक्षी दल के नेताओं से मिलकर मेमोरंडम दिया गया, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ भी नहीं दिखा. उन्होंने कहा कि राज्य में इस तरह की जितनी भी घटना हुई है अधिकांश में एक खास संगठन का नाम आ रहा है, फिर भी इनके खिलाफ प्रशासन ढिलाई बरत रहा है.




