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आखिर कौन मेहरबान है इन दो कांस्टेबलों पर, 5 सालों से जमे हैं आदित्यपुर थाने में

Ranchi:  सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर थाने में पिछले पांच सालों के दौरान चार- चार थानेदार और कितने ही अधिकारी व कांस्टेबल जिला बदर हुए, या दूसरे थानों में पदस्थापित किए गये. लेकिन दो कांस्टेबल ऐसे हैं, जो पिछले पांच सालों से आदित्यपुर थाना में ही जमे हुए हैं. ऐसा नहीं है कि इन्हें लाईन में तलब नहीं किया गया, लेकिन इनकी धाक ऐसी है कि ये अभी भी आदित्यपुर थाने में ही जमे हुए हैं.

आदेश का भी कोई असर नहीं

14 सितंबर 2020 को कांस्टेबल रोइदास महतो, दयाल महतो और पवन कुमार को आदित्यपुर थाने में प्रतिनियुक्त किया गया था. इसके साथ ही मुनेश्वर कुमार, उमाशंकर सिंह और राजेश कुमार को पुलिस केंद्र में वापस किये जाने संबंधी आदेश निर्गत किया गया था. लेकिन आजतक दोनों कांस्टेबल आदित्यपुर थाने में ही जमे हुए हैं. दोनों ही कांस्टेबलों के पास ऐसा मंत्र है कि कुछ ही दिनों के भीतर दोनों ही थाने में आने वाले प्रभारी के विश्वासपात्रों में से एक बन जाते हैं. वैसे इस मंत्र का फॉर्मूला जिले के आलाधिकारी ही बता सकते हैं. हैरानी की बात तो ये है कि दोनों ही कांस्टेबलों का पिछले दिनों दुमका उपचुनाव में कमान कटा थी, लेकिन दोनों ने योगदान नहीं दिया और अपने मंत्र के बल पर कमान से अपना नाम वापस करवा लिया.

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सीएम की ड्यूटी की भी अवहेलना

1 जनवरी को दोनों की ड्यूटी खरसावां में मुख्यमंत्री के एक कार्यक्रम में लगी थी, बावजूद इसके दोनों कांस्टेबलों ने नहीं माना. वैसे हैरान करने वाली बात तो ये है कि इन दोनों ही जांबाज कांस्टेबलों के जिले में कार्यावधि पर जिले के एसपी और एसडीपीओ की निगाह अबतक कैसे नहीं पड़ी. आखिर दोनों ही कांस्टेबलों ने ऐसा कौन सा कारनामा कर दिखाया है जो बाकी के थानेदार, अधिकारी या कांस्टेबल न कर सके हैं. जबकि इस दौरान तीन-तीन एसपी भी बदल चुके हैं. वैसे पिछले 10 सालों से ये दोनों कांस्टेबल सरायकेला जिले में ही बने हुए हैं. कुछ और भी ऐसे अधिकारी इस जिले में हैं जिनके पास जादुई छड़ी है जो उन्हें जिलाबदर होने से बचा रही है. ऐसा ही एक कांस्टेबल सरायकेला थाने में भी पदस्थापित है. जो विगत पांच सालों से सरायकेला थाने में ही जमा हुआ है जिसपर न तो पुलिस मुख्यालय सख्त है और ना ही जिले के एसपी या अन्य पदाधिकारी.

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