
Ranchi: पलामू में क्वारेंटीन तीन लोगों के कोरोना पॉजिटिव निकलने के बाद जिला प्रशासन तीनों की ट्रेवल हिस्ट्री खंगालने में जुट गया. वहीं जहां उन्हें क्वारेंटाइन किया गया था, उस जगह को सील किया जाने लगा और बाकी की मेडिकल कार्यवाई की जाने लगी.
इस बीच तीनों कोरोना पॉजिटिव मरीजों ने प्रशासन को काफी गुमराह किया. पहले उन्होंने यह बताया कि उनमें से एक रांची कांटा टोली और दो डोरंडा इलाके से 12 अप्रैल को पलामू पहुंचे थे. बाद में उन्होंने सच कबूला और कहा कि उन तीनों का कनेक्शन हिंदपीढ़ी से है.
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जबकि 31 मार्च को ही रांची जिला प्रशासन की ओर से हिंदपीढ़ी को सील कर दिया गया है. तो ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कैसे जिला प्रशासन की सिलिंग के बाद भी तीनों कोरोना पॉजिटिव हिंदपीढ़ी से निकलकर पलामू पहुंचते हैं. इससे पहले भी एक मामला सामने आया था जिसमें हिंदपीढ़ी के सात लोग लोहरदगा पहुंच गये थे. हालांकि इस मामले को लेकर पुलिस की तरफ से कार्रवाई की गयी थी.
जानें कैसे किया गुमराह
तीनों पॉजिटिव ने प्रशासन को गुमराह करते हुए बताया था कि वे 12 अप्रैल को रांची से यात्रा कर अपने घर आए थे. उसमें से एक का घर जोलांग और दो इटहे गांव के बताये जाते हैं. एक व्यक्ति कांटा टोली रांची से आया था, जबकि दो रांची के डोरंडा से यहां पहुंचे थे. 12 अप्रैल को जुरु पंचायत क्षेत्र में रांची से यात्रा कर आने पर उन्हें जुरू पंचायत सचिवालय के क्वारेंटाइन किया गया था.
तीनों कोरोना पॉजिटिव का हिंदपीढ़ी से कनेक्शन- पलामू डीसी
इस बाबत बात करते हुए न्यूज विंग को डीसी पलामू डॉ शांतनू अग्रहरि ने बताया कि पहले उन्होंने प्रशासन को गुमराह करते हुए अपना पता कांटा टोली और डोरंडा बताया था. लेकिन जांच में अब यह बात सामने आयी है कि तीनों कोरोना पॉजिटिव का कनेक्शन रांची की हिंदपीढ़ी से है.
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