
Ramgarh: रामगढ़-बोकारो जिला सीमा क्षेत्र में बुधवार की रात पुलिस-उग्रवादी की मुठभेड़ हुई. जिसमें रीजनल कमांडर के मारे जाने की खबर है. कुजू ओपी के बड़कीटुंडी के जंगल में देर रात पुलिस और पीएलएफआई उग्रवादी के बीच हुए मुठभेड़ में पुलिस पीएलएफआइ उग्रवादी संगठन का रीजनल कमांडर बाजीराम महतो उर्फ बाजीराव रामगढ़ पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया. मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बड़कीटुंडी के जंगल में सर्च अभियान चलाया था, इसी दौरान बाजीराम महतो को मार गिराया.
गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
मिली जानकारी के अनुसार, रामगढ़ पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि लंबे समय से फरार चल रहा बाजीराव बड़कीटुंडी जंगल में छिपा हुआ है. इसके बाद पुलिस ने चारों तरफ से घेराबंदी करते हुए कार्रवाई शुरू की. दोनों ओर से हुई गोलीबारी में पुलिस ने बाजीराव महतो को ढेर कर दिया. मुठभेड़ में बड़कीटुंडी जंगल में देर सर्च अभियान जारी था. पुलिस बाजीराम महतो के अन्य साथियों की तलाश कर रही है.
CPI नेता बालेश्वर महतो की हत्या का दोषी
मिली जानकारी के अनुसार, बाजीराव महतो रामगढ़ और बोकारो के सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय था. हाल के दिनों में उसने कई उग्रवादी घटनाओं को अंजाम भी दिया था. 18 अक्टूबर को 2018 को उसने सीसीएल घाटो क्षेत्र के सीपीआइ नेता बालेश्वर महतो की लइयो में गोली मारकर हत्या कर दी थी. इसके अलावा बाजीराव महतो ने गोला प्रखंड प्रमुख जलेश्वर महतो को उसके घर से अगवा कर 20 लाख रुपये की लेवी मांगी थी. हाल में ही रजरप्पा थाना क्षेत्र के दुलमी में बाजीराव के दस्ते ने सड़क निर्माण कार्यस्थल पर हमला कर 9 वाहनों को आग के हवाले कर दिया था. इसके बाद पुलिस ने बाजीराव को गिरफ्तार करने में जुट गई थी.
दिन में पुलिस ने की थी घर की कुर्की
पीएलएफआई के रीजनल कमांडर बाजीराम महतो के लइयो स्थित घर की पुलिस ने बुधवार को ही कुर्की-जब्ती की थी. इस कार्रवाई के कुछ ही घंटे बाद रात में वह मुठभेड़ में मारा गया. बाजीराम के घर की कुर्की के बाद पुलिस ने पुख्ता जानकारी पाकर योजनाबद्ध तरीके से बड़कीडुंडी जंगल में सर्च अभियान शुरू किया. जिसके पुलिस को सफलता मिली.
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