
Ranchi: सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव विनय कुमार चौबे ने गुरूवार को डीटीपी (डेजिग्नेटेड टेक्नोलॉजी पार्क्स) कॉन्फ्रेंस में कहा कि सरकार राज्य में आईटी सेक्टर के विकास को लेकर काफी गंभीर है. इसी कड़ी में सरकार राज्य में डीटीपी के लिए निर्माताओं को IT/ITeS पॉलिसी 2016 के तहत स्पेशल इन्सेन्टिव दे रही है. सरकार चाहती है कि राज्य में आईटी कंपनियां आयें और इनके माध्यम से यहां के युवाओं को अधिक से अधिक रोज़गार मिले.
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डीटीपी से आईटी को मिलेगी गति: राय
इस अवसर पर एसटीपीआई के संयुक्त निदेशक सिद्धार्थ कुमार राय ने कहा की आईटी सेक्टर की नयी कम्पनियां राज्य में काम करने के इक्छुक हैं, DTP के बनने से इस कार्य में गति आयेगी. कार्यक्रम की शुरुआत में आईटी विभाग के कंसल्टेंट एडवाइजर देवांशु झा ने डीटीपी के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि रांची समेत झारखंड के दूसरे जिलों जैसे जमशेदपुर, बोकारो, धनबाद आईटी के विकल्प के तौर पर तैयार हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि झारखंड विकास के पथ पर अग्रसर है और डीटीपी की यहां जरुरत है, ताकि अधिक से अधिक आईटी कंपनियां झारखंड आये. इससे यहां के लोगों को ज्यादा से ज्यादा से रोजगार उपलब्ध हो सके. कार्यक्रम का आयोजन सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से किया गया था. इस कार्यक्रम में उपस्थित विभाग के निदेशक उमेश प्रसाद शाह, चन्द्रकांत रायपत, क्रेडाई के अध्यक्ष कुमुद झा व अन्य सदस्यों ने भी संबोधित किया. वहीं मौके पर भवन निर्माण के क्षेत्र में कार्य करने वाले उद्योगपति सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे.




