
Nikhil Kumar
रांची: ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और जनता को एक ही स्थान पर सभी पद्धतियों की औषधियाँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने “अबुआ दवाखाना” योजना की शुरुआत की है। झारखंड की लगभग 4 करोड़ आबादी में 76 प्रतिशत लोग ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करते हैं, जहाँ आयुष चिकित्सा पद्धति की मजबूत जड़ें होने के बावजूद एलोपैथी और आयुष दवाओं की उपलब्धता में लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
राज्य में 3,958 स्वास्थ्य उपकेंद्र, 3,973 आयुष्मान आरोग्य मंदिर, 330 पीएचसी, 188 सीएचसी और 24 सदर अस्पताल होने के बाद भी विभिन्न चिकित्सा प्रणालियों की दवाओं के लिए अलग-अलग केंद्र होने से ग्रामीण मरीजों को सही दवा के चुनाव और उपलब्धता में दिक्कतें आती थीं। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए सरकार ने एकीकृत औषधि केंद्र “अबुआ दवाखाना” स्थापित करने का निर्णय लिया है।
अबुआ दवाखाना की प्रमुख विशेषताएँ
— एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी और सिद्धा चिकित्सा प्रणाली की आवश्यक दवाएँ एक ही जगह उपलब्ध होंगी।
— सभी लाभार्थियों को निःशुल्क दवा वितरण।
— राज्य के सभी 24 जिलों में 745 आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) पर एकीकृत औषधि केंद्र स्थापित किए जाएँगे।
— मॉडल फॉर्मेसी आउटलेट के अनुरूप डिज़ाइन: ग्राहक सेवा काउंटर, श्रेणीबद्ध रैक, भंडारण अलमारियाँ, रेफ्रिजरेटर और कम्प्यूटरीकृत सिस्टम शामिल।
संचालन एवं समितियाँ
जिला स्तर पर उपायुक्त की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति दवाओं की सूची, खरीद प्रक्रिया और समीक्षा का कार्य करेगी। प्रखंड स्तर पर बीडीओ की अध्यक्षता वाली संचालन समिति भवन, नियमित निरीक्षण और निगरानी से जुड़े कार्य देखेगी।
औषधि आपूर्ति एवं निगरानी
एलोपैथी और आयुष दोनों की Essential Drug List के अनुसार नियमित आपूर्ति की व्यवस्था होगी।
— CHO द्वारा एलोपैथी दवाओं के लिए CHC प्रभारी को,
— और आयुष दवाओं के लिए जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी को इंडेंट भेजा जाएगा।
मासिक रूप से प्रखंड समिति और त्रैमासिक रूप से जिला समिति निगरानी करेगी।
संचालन व्यवस्था
अबुआ दवाखाना का संचालन आयुष्मान आरोग्य मंदिर में कार्यरत योग प्रशिक्षक द्वारा किया जाएगा, जबकि देख-रेख संबंधित आयुष चिकित्सक/CHO करेंगे। डिजिटल निगरानी और तकनीकी संचालन के लिए आयुष निदेशालय में Project Management Unit (PMU) का गठन होगा जिसमें आयुष उप-निदेशक, IT मैनेजर और एक फार्मासिस्ट शामिल रहेंगे। झारखंड सरकार की यह पहल ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में दवा उपलब्धता, पारदर्शिता और एकीकृत चिकित्सा सुविधा को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।
ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे में क्रांतिकारी परिवर्तन
स्वास्थ्य मंत्री झारखंड डॉ. इरफान अंसारी ने इस संबंध में कहा कि “अबुआ दवाखाना” योजना हमारे ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी। पहली बार झारखंड में एलोपैथी, आयुष, होम्योपैथी, यूनानी और सिद्धा की दवाएँ एक ही स्थान पर निःशुल्क उपलब्ध होंगी। हमारा लक्ष्य है कि ग्रामीण इलाके का हर व्यक्ति बिना किसी भेदभाव और परेशानी के सही दवा और सही उपचार तक पहुँचे। यह योजना पारदर्शिता, तकनीक और जनसहभागिता को साथ लेकर आगे बढ़ेगी और झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देगी.




