
New Delhi : केन्द्र सरकार ने सोमवार को बड़े ऐलान किए. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, आत्मनिर्भर भारत रोज़गार योजना को 30 जून 2021 से 31 मार्च 2022 तक बढ़ाया जा रहा है. इस योजना के तहत एक हजार कर्मचारियों वाली कंपनियों में पीएफ का नियोक्ता और कर्मचारी दोनों का हिस्सा केंद्र सरकार भरेगी. 1000 से अधिक एम्प्लॉई वाली कंपनियों में पीएफ के लिए एम्प्लॉई का हिस्सा 12% सरकार वहन करेगी.
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इनको मिलेगा लाभ
इस स्कीम को 1 अक्टूबर 2020 को लागू किया गया था. ये तब 30 जून 2021 तक के लिए लागू की गई थी. अब इसकी अवधि बढ़ा दी गई है.
इस योजना के तहत ईपीएफओ-रजिस्टर्ड प्रतिष्ठान ऐसे नए कर्मचारियों को लेते हैं जिनका पहले पीएफ खाता नहीं था या जो नौकरी खो चुके हैं, तो यह योजना उनके कर्मचारियों को लाभ देगी. वित्त मंत्री ने ऐलान किया, आपातकालीन क्रेडिट गारंटी योजना को 3 लाख करोड़ से बढ़ाकर 4.5 लाख करोड़ किया जा रहा है.
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25 लाख छोटे उधार देनेवालों तक पहुंचने का लक्ष्य
वित्त मंत्री ने कहा, माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूशन के माध्यम से क्रेडिट गारंटी योजना है, इसमें 25 लाख छोटे उधारकर्ताओं तक पहुंचने का लक्ष्य है.
इसमें एक व्यक्ति को अधिकतम 1.25 लाख का ऋण दिया जाएगा. ब्याज दर रिज़र्व बैंक की गाइडलाइन के मुताबिक निर्धारित अधिकतम ब्याज दर से 2% कम होगी.
11,000 से ज़्यादा रजिस्टर टूरिस्ट गाइड को दी जायेगी सहायता
उन्होंने कहा, पर्यटन को पुर्नजीवित करने के लिए 11,000 से ज़्यादा रजिस्टर टूरिस्ट गाइड और बाकी हितधारकों को आर्थिक सहायता दी जाएगी. जब अंतरराष्ट्रीय पर्यटन शुरू होगा तब पहले 5 लाख पर्यटकों को वीजा बिना किसी शुल्क के जारी किया जाएगा.
इसका लाभ किसी भी पर्यटक को एक ही बार मिलेगा और ये योजना 31 मार्च 2022 या पहले 5 लाख वीजा पूरे होने तक जारी रहेगी.
कोविड से प्रभावित सेक्टरों के लिए 1.1 लाख करोड़ रुपये की क्रेडिट गारंटी योजना है और स्वास्थ्य सेक्टर के लिए 50,000 करोड़ रुपये रखे गए हैं.
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