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मनरेगा में होने वाली गड़बड़ियों को दूर करने के लिए ग्रामीण विकास विभाग ने बनाया प्लान, डीडीसी को दिया टास्क 

Ranchi. ग्रामीण विकास विभाग ने मनरेगा योजनाओं में गड़बड़ियों की शिकायतों को कम करने की योजना बनायी है. इसके लिये सभी डीडीसी को योजनाओं के औचक निरीक्षण का आदेश दिया गया है. ग्रामीण विकास विभाग की सचिव आराधना पटनायक ने सप्ताह में दो दिन फील्ड विजिट करने को कहा है.

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इससे योजनाओं की वास्तविकता और उनकी कमियों को पकड़ा जा सकेगा. साथ ही इसी हिसाब से उसका समाधान भी हो सकेगा. सभी बीडीओ को भी एक्टिव साइट और मनरेगा के तहत किये जा रहे कामों की मॉनिटरिंग करने को कहा गया है. विभाग ने मनरेगा योजनाओं में समय पर श्रमिकों को भुगतान तय कराने के लिये भी निर्देश जारी किये हैं. 

समय पर पेमेंट से बढ़ेगी रुचि

आराधना पटनायक ने शुक्रवार को मनरेगा और गरीब कल्याण रोजगार अभियान की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये समीक्षा की. इस दौरान मनरेगा कमिश्नर सिद्धार्थ त्रिपाठी और विभागीय पदाधिकारियों के अलावा सभी जिलों के डीडीसी भी शामिल हुए. सचिव ने कहा कि मनरेगा योजना में मजदूरों को काम के एवज में समय पर भुगतान हो. इससे उनकी काम के लिये रुचि बनी रहेगी. वित्तीय वर्ष 2020 -21 में कुछ कारणों से कई ट्रांजैक्शन रिजेक्ट हो गये. इसमें से लगभग 65% ट्रांजैक्शन का FTO सृजन नहीं हो पाया. इसके कारण मजदूरों को समय पर मजदूरी नहीं मिल सकी. इस पर ध्यान देना होगा. साथ ही PFMS के स्तर से रिजेक्टेड हुए मजदूरों के सभी खातों में सुधार कराने का भी निर्देश उन्होंने दिया. 

नीलांबर पीतांबर स्कीम पर जोर

नीलाम्बर-पीताम्बर जल समृद्धि योजना के जरिये राज्य में जल संचयन को बढावा दिये जाने पर जोर दिया गया. सचिव ने इसे सरकार की अति महत्वपूर्ण योजना बताया. योजना के तहत बरसात के पानी को संरक्षित करने और टीसीबी के माध्यम से भूमि की नमी तथा तरलता को बनाए रखने पर विशेष तौर पर काम करने को कहा. योजना के तहत निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने को सम्बन्धित पदाधिकारियों को दिशा-निर्देश भी दिए गए.

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