
London : महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर सहित 20 दावेदार 2000 से 2020 तक के सर्वश्रेष्ठ लारेस खेल लम्हे की दौड़ में शामिल हैं. भारत की 2011 विश्व कप में जीत के संदर्भ में तेंदुलकर से जुड़े लम्हे को ‘कैरीड आन द शोल्डर्स आफ ए नेशन’ शीर्षक दिया गया है.
लगभग नौ साल पहले तेंदुलकर अपने छठे विश्व कप में खेलते हुए विश्व खिताब जीतने वाली टीम के सदस्य बने थे.
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तेंदुलकर के लिए यादगार पल

भारतीय टीम के सदस्यों ने इसके बाद तेंदुलकर को कंधे में उठाकर मैदान का ‘लैप आफ आनर’ लगाया था और इस दौरान इस दिग्गज बल्लेबाज की आंखों से आंसू गिर रहे थे. भारत ने विश्व कप फाइनल में जीत तेंदुलकर के घरेलू मैदान मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में दर्ज की थी.
लारेस अकादमी के सदस्य आस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेट कप्तान स्टीव वा ने तेंदुलकर के नामांकन को क्रिकेट के लिए शानदार लम्हा करार दिया है.
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भारतीय क्रिकेट शानदार काम कर रहा

स्टीव वा ने पीटीआई से कहा, ‘‘यह हमारे खेल के लिए शानदार है. लारेस पुरस्कारों के लिए नामांकन हासिल करना काफी मुश्किल है. यह बेहतरीन उपलब्धि (2011 विश्व कप जीत) है और भारतीय क्रिकेट शानदार काम कर रहा है.’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे याद है कि जब हमने लारेस की साल की सर्वश्रेष्ठ टीम (2002) का पुरस्कार जीता था. यह आस्ट्रेलिया क्रिकेट के लिए शानदार लम्हा था.’’
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