
Bermo : बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी पावर प्लांट मेन गेट के समक्ष हिंद मजदूर किसान यूनियन के मजदूरों द्वारा बुधवार से सात सूत्री मांगों को लेकर दो दिवसीय भूख हड़ताल आरंभ किया गया. बुधवार से आरंभ भूख हड़ताल का समापन 28 फरवरी की शाम को किया जायेगा. इसके पूर्व यूनियन के मजदूरों के द्वारा मंगलवार को पावर प्लांट गेट के समक्ष एक दिवसीय धरना दिया गया.
प्रबंधन के खिलाफ की नारेबाजी
धरना के बाद भी मजदूरों की मांगों को लेकर डीवीसी प्रबंधन गंभीर नहीं हुआ. आंदोलन का नेतृत्व यूनियन के अध्यक्ष हेमलाल महतो और सचिव खेमलाल महतो कर रहे हैं. जबकि भूख हड़ताल पर बैठने वाले मजदूरों में सुदन रविदास,टेकलाल महतो,निरपत महतो,नारायण महतो और सहदेव तुरी शामिल हैं. आंदोलनस्थल पर यूनियन के मजदूर मांगों को लेकर डीवीसी एवं पावर प्लांट में काम करने वाली कंपनियों के खिलाफ नारेबाजी भी कर रहे हैं. बाद में नुककड़ सभा का भी आयोजन किया गया. सभा को संबोधित करते हुए अध्यक्ष एवं सचिव ने कहा कि डीवीसी बोकारो थर्मल प्रबंधन यूनियन के मजदूरों के द्वारा एक दिवसीय धरना आंदोलन पर गंभीर नहीं दिखा, जिसके कारण मजदूरों को बुधवार से भूख हड़ताल जैसा आंदोलन करना पड़ा.
उपेक्षा कर रहा है प्रबंधन
उन्होंने कहा कि पावर प्लांट में वार्षिक रखरखाव का काम करनेवाली कंपनियों के द्वारा स्थानीय मजदूरों की उपेक्षा कर बाहर के मजदूरों को रखकर काम करवाया जा रहा है, जो कि कहीं से भी न्यायसंगत नहीं है. उन्होंने कहा कि वार्षिक रखरखाव का काम करनेवाली कंपनियों को चाहिए कि वे कामपर मजदूरों को रखते समय उन्हें स्थानीय वोटर एवं आधार कार्ड आदि जैसे प्रमाण पत्रों को ही देखकर काम पर रखें. सभा को संगठन सचिव रघुनाथ मिर्धा, उप सचिव रंजीत शर्मा, कोषाध्यक्ष ललन तुरी ने भी संबोधित किया.
क्या है सात सूत्री मांगें
हिंद मजदूर किसान यूनियन की सात सूत्री मांगों में डीवीसी में मरम्मत के काम में लगी कंपनियों के अलावा सुलभ शौचालय के कामों में रखे गये बाहरी मजदूरों की जांच की जाय, पावर प्लांट के निर्माण कार्य में लगी पावर मेक कंपनी में मजदूरों को प्रमाण पत्र के आधार पर रखा जाय, सुलभ शौचालय के कामों में स्थानीय दलित एवं आदिवासियों को रखा जाय, लोकनाथ कंपनी में काम करने वाले आठ सुपरवाईजर एवं मजदूरों की जांच कर उन्हें हटाया जाय, डीवीसी में काम करनेवाले सभी कंपनियों के मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी का भुगतान किया जाय, भेल कंपनी के द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के महिला समूह, अंबेडकर क्लब आदि में खेल का सामान समेत दर्री एवं कुर्सी मुहैया करवाया जाय, एसके सामंता कंपनी के द्वारा काम से हटाये जा रहे मजदूरों को सभी प्रकार की सुविधा मुहैया करवायी जाय शामिल है.
1 मार्च से गेट जाम आंदोलन
यूनियन के नेताओं ने कहा कि डीवीसी प्रबंधन मजदूरों द्वारा धरना एवं भूख हड़ताल जैसे आंदोलन के बाद भी मांगों पर गंभीर नहीं होता है, तो 1 मार्च से गेट जाम आंदोलन चलाया जायेगा. आंदोलन के दौरान पावर प्लांट का निर्माण कार्य करनेवाली कंपनियों के अधिकारियों, इंजीनियरों एवं कामगारों को पावर प्लांट के अंदर जाने नहीं दिया जायेगा.
इनकी रही भागीदारी
यूनियन के तीन दिवसीय धरना आंदोलन में टेकलाल महतो, सुदन रविदास, सहदेव तुरी, जगरनाथ महतो, घनश्याम महतो, दहलू तुरी, किस्टू राम, नारायण महतो, कुलेश्वर महतो, मुन्ना महतो, भुनेश्वर तुरी आदि की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
डीवीसी प्रबंधन ने सचिव को लिखा पत्र
डीवीसी बोकारो थर्मल के अपर निदेशक नीरज सिन्हा ने यूनियन के सचिव को पत्र लिखकर 1 मार्च से प्रस्तावित गेट जाम आंदोलन को स्थगित करने को कहते हुए सहयोग करने को कहा है. अपर निदेशक ने लिखा है कि यूनियन की मांगों को लेकर प्रोजेक्ट हेड के साथ अध्यक्ष लालचंद महतो, प्रदेश महासचिव इंद्रदेव महतो, शाखा सचिव एवं संगठन सचिव के साथ 6 फरवरी को सकारात्मक वार्ता हुई, इसके बावजूद यूनियन के द्वारा आंदोलन किया जाना सर्वथा अनुचित है.
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