
Ranchi: परीक्षा स्थगित करने की छात्रों की मांग के बीच सोमवार को रांची के 58 परीक्षा केंद्रों में जेपीएससी मुख्य परीक्षा शुरु हो गयी है. दूसरी तरफ करीब सैकड़ों की संख्या में छात्र अभी भी आयोग कार्यालय के समक्ष एडमिट कार्ड लेकर अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखे हुए है. विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि जेपीएससी ने अपनी जो नकारात्मक छवि बनाई है, उस स्थिति में एक्जाम देना उनके लिए संभव नहीं है. वही हाईकोर्ट में मामले को लेकर सुनवाई हुई. जहां कोर्ट ने परीक्षा के रिजल्ट प्रकाशन पर रोक लगा दी है. हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता आरएस मजुमदार ने बताया कि कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख 25 फरवरी तय की है. 25 को इस मामले में विस्तृत सुनवाई होगी.
परीक्षा के रिजल्ट प्रकाशन पर रोक – HC
जेपीएससी मुख्य परीक्षा को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाइकोर्ट ने रिजल्ट के प्रकाशन पर रोक लगा दी है. 25 फरवरी को पुनः सुनवाई होगी. सोमवार की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने आयोग को निर्देश दिया कि जब तक मामले की पूरी सुनवाई नहीं हो जाती है, तब तक आयोग मुख्य परीक्षा का परिणाम नहीं जारी करेगा.
आयोग की नकारात्मक छवि में एग्ज़ाम देने से नहीं होगा फायदा
इधर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है, अगर जेपीएससी स्वच्छ वातावरण में एग्ज़ाम लेता है तो वे कभी भी एग्ज़ाम देने को तैयार हैं. लेकिन जिस तरह आयोग में भ्रष्टाचार उजागर हुआ है. आयोग ने अपनी जो नकारात्मक छवि बनाई है, उस मानसिकता हम छात्र एग्ज़ाम देने की स्थिति में नहीं है. छात्रों का कहना है कि सिस्टम के विरुद्ध उनका विरोध प्रदर्शन अंत तक जारी रहेगा.
विस के बाहर विपक्ष का प्रदर्शन

एक ओर जहां छात्र परीक्षा रद्द कराने की मांग पर अड़े हैं. वहीं इधर विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस और जेएमएम के विधायकों ने जेपीएससी मुख्य परीक्षा होने का पुरजोर तरीके से विरोध किया.
कांग्रेस के विधायक सुखदेव भगत ने कहा कि जेपीएससी झारखंड में सिर्फ पैरवी और कमीशन खोरी रह गई है. विपक्ष के तेवर देखकर यह कहा जा सकता है कि सदन शायद ही चले. विपक्ष के तेवर काफी विरोधात्मक लग रहे हैं.
छात्रों को मिला विपक्ष का साथ
इससे पहले रविवार को विपक्ष के कई विधायकों ने आंदोलनरत छात्रों को अपना समर्थन भी दिया था. जेएमएम विधायक कुणाल षाडंगी ने मुख्य परीक्षा तत्काल स्थगित करने की मांग करते हुए कहा था कि अगर सरकार ऐसा नहीं करती है तो जेएमएम विधानसभा सत्र नहीं चलने देगा. वहीं कांग्रेस विधायक सुखदेव भगत ने सरकार पर छात्र अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा था कि एक तरफ से राज्य सरकार सरेंडर करने वाले नक्सलियों का दोनों हाथ उठा कर स्वागत करती है, वही लोकतांत्रिक ढंग से शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों का किसी भी सत्ता पक्ष में बैठे लोगों ने सुध तक नहीं ली है.
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