
Ranchi: पुलिस मुखबिर के आरोप में भुषण कुमार सिंह और राम गोबिंद की हत्या मामले में सजायाफ्ता पूर्व तोरपा विधायक पौलूस सुरीन की प्रोविजनल बेल की याचिका को झारखंड हाई कोर्ट ने खारिज कर दी. पौलूस सुरीन की ओर से अपने भतीजे की मृत्यु को देखते हुए 15 दिन के लिए प्रोविजनल बेल का आग्रह किया गया था. पौलूस सुरीन की ओर से सजा के खिलाफ दाखिल क्रिमिनल अपील की सुनवाई झारखंड हाई कोर्ट में हुई. दरअसल, अपर न्याययुक्त दिनेश कुमार की कोर्ट ने पौलूस सुरीन और नक्सली जेठा कच्छप को दोहरे हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. अदालत ने पौलूस सुरीन पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है, जबकि जेठा कच्छप पर 45 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है. जुर्माना की राशि नहीं देने पर दोनों अभियुक्तों को 1 साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. पौलूस सुरीन दो बार झामुमो के विधायक रह चुके हैं. पौलूस सुरीन ने सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दाखिल की है.
क्या था मामला
घटना खूंटी के तोरपा में साल 2013 की है. पुलिस मुखबिर भुषण सिंह और राम गोविंद की हत्या कर दी गई थी. मामले में पौलूस सुरीन, नक्सली जेठा कच्छप कृष्णा महतो और 3 महिला समेत 6 आरोपी ट्रायल फेस कर रहे थे. इसी मामले में पीएफएलआई सुप्रीमो दिनेश गोप भी ट्रायल फेस रहे हैं. अभियोजन पक्ष की ओर से 12 गवाह पेश किए गए थे. जबकि बचाव पक्ष की ओर से 1 गवाह पेश किया गया. हत्याकांड की घटना को लेकर कर्रा थाना में कांड संख्या 27/ 2013 के तहत प्राथमिकी दर्ज हुआ था. अपराधियों ने इन दोनों की घर के सामने चबूतरा में अंधाधुंध फायरिंग कर हत्या कर दी थी.




