
Ranchi : रांची नगर निगम इन दिनों मैन पावर की कमी से जूझ रहा है. वहीं, दूसरी ओर कई पोर्टलों से आनेवाली शिकायतों को निपटाने में निगम के कई अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं. इन अधिकारियों का कहना है कि निगम के पास तो वैसे ही मैन पावर की कमी है, वहीं अब आमजनों की शिकायतों के निपटारे से उनके द्वारा किये जानेवाले महत्वपूर्ण काम प्रभावित होते हैं. पोर्टलों के मार्फत आनेवाली कई शिकायतें तो बहुत महत्वपूर्ण नहीं होती हैं, फिर भी उन्हें निपटाने का दबाव बना रहता है. इससे जहां उन्हें मानसिक पीड़ा से गुजरना पड़ता है, वहीं काम सही समय पर पूरा नहीं कर पाने के कारण उन्हें कई बार आला अधिकारियों की फटकार भी सुननी पड़ती है.
कई पोर्टलों से आती रहती हैं शिकायतें
जानकारी के मुताबिक, निगम कार्यालय में इन दिनों आमजन से जुड़ी कई शिकायतें विभिन्न पोर्टलों से मिलती रहती हैं. इसमें मुख्यमंत्री जनशिकायत कोषांग, शहरी नगर निकायों के लिए लोक शिकायत प्रबंधन प्रणाली (पीजीएमएस), सूचना का अधिकार (आरटीआई), मंत्री सीपी सिंह की जन सेवा वेब पोर्टल (हेल्पलाइन नंबर 9570444411), निगम के पीआरओ ऑफिस में आवेदन देने के अलावा मंत्री, अधिकारियों की सिफारिशों वाली शिकायतें भी शामिल रहती हैं.
पदों के रिक्त होने से काम होता है प्रभावित
शिकायत निपटारे में होनेवाली परेशानी की पीड़ा बताते हुए निगम के कुछ कर्मियों का कहना है कि उपरोक्त पोर्टलों के मार्फत निगम की कई शाखाओं की शिकायतें प्रतिदिन आती रहती हैं. अगर यह शिकायत जन्म और मृत्यु प्रमाण-पत्र बनाने, होल्डिंग टैक्स, वाटर हार्वेस्टिंग से जुड़ी हों, तो माना जा सकता है कि शिकायतें महत्वपूर्ण हैं. लेकिन इसके उलट कई बार शिकायतें (नाली टूटने, सड़क पर पानी बहने, गंदगी फैलने या फैलाने जैसी समस्याएं) ऐसी आती हैं, जिसका निपटारा करने में महत्वपूर्ण काम भी प्रभावित होते हैं. दरअसल इसके पीछे का मुख्य कारण निगम में पड़े रिक्त पदों की बढ़ती संख्या है. निगम के जलबोर्ड की स्थिति को देखें, तो करीब दो जेई के भरोसे निगम में पूरे 53 वार्ड में जल से जुड़ी शिकायतों को देखा जा रहा है. इससे सोचा जा सकता है कि कैसे इन जेई के फील्ड विजिट करने में जलबोर्ड का काम प्रभावित होता है.
राजस्व पर विशेष ध्यान देते थे पूर्व नगर आयुक्त, अब नहीं रही वैसी स्थिति
शिकायत निपटारा से परेशान निगम के एक अधिकारी का कहना है कि निगम के नगर आयुक्त रह चुके प्रशांत कुमार हमेशा राजस्व पर जोर देते थे. उनका कहना था कि निगम का राजस्व नहीं बढ़ेगा, तो निगमकर्मियों को सही समय पर वेतन भुगतान नहीं किया जा सकेगा. हालांकि, वह भी जनशिकायत के निपटारे पर जोर देते थे, लेकिन यह शिकायत महत्वपूर्ण और जनसरोकर से जुड़ी रहती थीं. लेकिन, अब तो हर तरह की शिकायत को निपटाने से काम प्रभावित होता रहता है.
आरटीआई शिकायतों के निपटारे के लिए केवल एक कर्मी
वहीं, आरटीआई के कार्य को निपटाने में आनेवाली समस्याओं का जिक्र करते हुए एक कर्मी ने बताया कि सरकार के अन्य विभागों में इस मार्फत दिनभर में केवल एक शिकायत आती है. वहीं, शायद ही ऐसा होता है कि निगम में इस मार्फत पांच से कम शिकायतें आती हों. इसके निपटारे के लिए केवल एक कर्मी ही निगम में कार्यरत है. ऐसे में कई बार अन्य अधिकारियों को इस कार्य में लगाना पड़ता है.
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