
Palamu : समाज कल्याण महिला एवं बाल विकास विभाग में 11 करोड़ रुपये के गबन के आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी की वारंट जारी हो गयी है. जिले के तत्कालीन समाज कल्याण पदाधिकारी सहित अन्य दोषी कर्मियों पर पुलिसिया अनुसंधान शुरू हो गया है. पूर्व प्रभारी डीएसडब्ल्यूओ कुमारी रंजना, हरिहरगंज की पूर्व सीडीपीओ संचिता भगत और विश्रामपुर सीडीपीओ सुधा सिन्हा पर जहां प्रपत्र (क) गठित कर सरकार के पास अग्रेतर कार्रवाई के लिए संचिका भेज दी गयी है. वहीं नाजिर सतीश उरांव पर भी प्रपत्र (क) गठित कर निलंबित के लिए प्रमंडलीय आयुक्त के पास संचिका भेजी गयी है.
संभावित ठिकानों पर पुलिस कर रही है छापामारी
प्रभारी जिला समाज कल्याण पदाधिकारी शत्रुंजय कुमार ने बताया कि पदाधिकारी सरकार के अधीन कार्यरत होते हैं. इसलिए जिला प्रशासन के माध्यम से निलंबन की संचिका सरकार के पास भेजी गयी है. कर्मचारी प्रमंडलीय आयुक्त के अधीन कार्यरत होते हैं. इसलिए नाजिर के निलंबन की संचिका प्रमंडलीय आयुक्त के पास भेजी गयी है. उन्होंने बताया कि पूर्व प्रभारी डीएसडब्ल्यू, दोनों सीडीपीओ और नाजिर पर वारंट जारी कर दिया गया है. चारों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस उनके संभावित ठिकानों पर छापामारी शुरू कर दी है. अभी तक इस मामले में किसी के भी गिरफ्तारी नहीं हो पायी है. उन्होंने बताया कि अब पुलिस और कोर्ट के बीच का मामला है।
29 नवंबर को हुई थी प्राथमिकी
पलामू जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहर मद में 11 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता और गबन के आरोप में तत्कालीन जिला समाज कल्याण पदाधिकारी कुमारी रंजना, हरिहरगंज बाल विकास परियोजना पदाधिकारी संचिता भगत, विश्रामपुर बाल विकास परियोजना पदाधिकारी सुधा सिन्हा और जिला नाजिर सतीश उरांव को दोषी मानते हुए गत 29 नवंबर को शहर थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी.
उपायुक्त ने करायी थी जांच
दर्ज प्राथमिकी के आलोक में सभी आरोपियों पर धारा 406, 409, 420 व 120 बी के तहत शहर थाना में मामला दर्ज किया गया था. जांच के लिए जिले के उपायुक्त द्वारा गठित जांच दल द्वारा पोषाहार मद में सरकार से प्राप्त राशि के व्यय में बड़े पैमाने पर गबन और वित्तीय अनियमितता बरतने की बात सामने आयी थी. जांच दल ने अपने प्रतिवेदन में उल्लेख किया है कि पूरे जिले में 2595 आंगनबाड़ी केंदों के लिए 74 दुकानों में पोषाहर की लगभग 11 करोड़ रुपये की राशि खातांरित कर सरकारी राशि का गबन किया गया है.
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