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मनी लॉन्ड्रिंग केस में निलंबित चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम के सीए नीरज मित्तल एवं सहयोगी राम प्रकाश भाटिया की जमानत पर हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी, आदेश सुरक्षित

Ranchi: मनी लॉन्ड्रिंग में जेल में बंद निलंबित चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम के सीए नीरज मित्तल एवं सहयोगी राम प्रकाश भाटिया की जमानत अर्जी पर झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई. हाई कोर्ट की एकल पीठ ने दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद नीरज मित्तल एवं राम प्रकाश भाटिया की जमानत पर फैसला सुरक्षित रख लिया. दोनों की ओर से हाई कोर्ट में अलग-अलग जमानत अर्जी दाखिल की गई है. पूर्व में ईडी के विशेष न्यायाधीश पीके शर्मा की कोर्ट ने इन दोनों की जमानत याचिका खारिज कर दी थी.

इसके बाद उनकी ओर से जमानत के लिए हाईकोर्ट में आग्रह किया गया है. बता दें कि वीरेंद्र राम के सीए नीरज मित्तल, राम प्रकाश भाटिया एवं ताराचंद के खिलाफ ईडी ने आरोप पत्र पूर्व में दाखिल कर दिया है. नीरज मित्तल पर टेंडर मैनेज करने के लिए कमीशन लेने और करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में संलिप्त रहने का आरोप है. दिल्ली से नीरज मित्तल को गिरफ्तार किया गया था. वही राम प्रकाश भाटिया एवं ताराचंद पर वीरेंद्र राम की काली कमाई को सफेद करने का आरोप है. उल्लेखनीय है  कि नीरज मित्तल पेशे से एक चार्टेड एकाउंटेंट हैं. यह दोनों आरोपी फिलहाल ईडी की न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है. इन पर निलंबित अभियंता प्रमुख के पैसों के निवेश में सहायता करने का आरोप है.

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