
New Delhi: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कैंडिडेट के चयन को लेकर कांग्रेस में माथापच्ची जारी है. वही उम्मीदवारों की सूची फाइनल करना पार्टी के लिए बड़ा सिरदर्द बनता जा रहा है. खबर है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में लिस्ट फाइनल करने को लेकर राज्य के दो बड़े नेता आपस में ही उलझ गए.
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राहुल की मौजूदगी में जोरदार बहस
बताया जा रहा है कि उम्मीदवारों के नाम तय करने के लिए कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बुधवार रात बैठक हुई. इस दौरान मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच तीखी कहासुनी हो गई.
कांग्रेस केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में अपने-अपने उम्मीदवारों को टिकट दिलाने के लिए दोनों नेता आपस में भिड़ गए. दोनों के बीच शुरु हुई बहस कुछ ही देर में तीखी नोक-झोंक में बदल गई. यह सब कुछ राहुल गांधी की मौजूदगी में हुआ. इससे पहले भी कांग्रेस में गुटबाजी की खबरें लगातार सामने आती रही हैं.
तीन सदस्यीय समिति गठित
टिकट बंटवारे को लेकर दिग्विजय और सिंधिया के बीच जब बात नहीं बनी तो पूरे विवाद सुलझाने के लिए राहुल गांधी को तीन सदस्यीय समिति बनानी पड़ी. मिली जानकारी के मुताबिक, सिंधिया और दिग्विजय की खुली जंग से राहुल के चेहरे पर गुस्सा साफ देखा जा सकता था.
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इस तीन सदस्यीय समिति के सदस्यों अशोक गहलोत, वीरप्पा मोइली और अहमद पटेल शामिल हैं. इस समिति ने पार्टी के वॉर रूम 15 गुरुद्वारा रकाबगंज रोड में रात 2.30 बजे तक मामले को सुलझाने के लिए बैठक की. लेकिन समिति भी विवाद को सुलझा नहीं सकी. इसलिए गुरुवार को भी मामले को लेकर बैठकों का दौर जारी रहा.
कल से शुरु हो रहा नॉमिनेशन
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया 2 नवंबर से शुरू हो रही है, जो 9 नवंबर तक चलेगी. जबकि 14 नवंबर तक नाम वापस लिये जा सकते हैं. बता दें कि मध्य प्रदेश में 28 नवंबर को वोटिंग होगी, जबकि 11 दिसंबर को काउंटिंग होगी. तारीख को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस ने 5 नवंबर तक अपनी सभी लिस्ट जारी करने की बात कही है. इधर बीजेपी भी अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर सकती है.
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