
Ramgarh: झारखण्ड विधानसभा बजट सत्र के दौरान गुरुवार को सदन में सूबे के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि झारखंड सरकार तीन महीने के अंदर महिलाओं के लिए सवैतनिक मातृत्व अवकाश की सुविधा की शुरुआत करेगी. वहीं इससे पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने विधानसभा में मामला उठाते हुए बताया था कि राज्य के विभिन्न विभागों में हजारों महिला कर्मी कार्यरत है जिन्हें अपने कार्यकाल के दौरान सेवा दायित्वों के साथ-साथ मातृत्व और पारिवारिक दायित्वों का भी निर्वहन करना पड़ता है. देश के अधिकांश राज्यों में एवं केंद्र में बच्चों की देखभाल हेतु महिलाओं को सवैतनिक शिशु देखभाल अवकाश की सुविधा प्राप्त है और महिला कर्मियों को उनके सेवा काल में दो वर्षों के लिए शिशु देखभाल अवकाश की सुविधा मिलती है लेकिन झारखंड में इस प्रकार की सुविधा महिला कर्मियों के लिए उपलब्ध नहीं है. महिला विधायक अंबा प्रसाद ने महिला कर्मियों की दर्द को समझते हुए इस मामले को विधानसभा में उठाया इसके बाद महिलाओं महिला कर्मियों को शिशु देखभाल हेतु 2 साल के सवैतनिक अवकाश की सुविधा मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ.




