
Ranchi : बिरसा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआईटी), मेसरा के एयरोस्पेस टेक्निकल सांइस विभाग की ओर से दो दिवसीय राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार का आयोजन 27 अक्टूबर से आयोजित किया जा रहा है. इसके माध्यम से अंतरिक्ष में भेजे जानेवाले स्पेस यानों की आधुनिक तकनीक पर मंथन किया जायेगा. ज्ञात हो कि पूर्वी भारत में पहला एयरोस्पेस टेक्निकल सांइस विभाग बीआईटी मेसरा में स्थापित किया गया था. यहां के छात्रों ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र में महत्वपूर्ण योग्यदान दिया है. सेमिनार में अंतरिक्ष तकनीक से जुड़े राष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिक भाग लेंगे तथा विश्व स्तर पर स्पेसक्राफ्ट में आये आधुनिक बदलाव पर चर्चा करेंगे. कार्यक्रम का आयोजन झारखंड इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स एवं बीआईटी मेसरा द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है. बीआईटी मेसरा के कुलपति प्रो एमके मिश्रा ने बताया कि बीआईटी मेसरा अंतरिक्ष अनुसंधान में नये बदलाव एवं तकनीकों से छात्रों एवं शिक्षकों को अवगत करना चाहता है.
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इन संस्थानों के वैज्ञानिक सेमिनार में लेंगे हिस्सा
सेमिनार में भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों के वैज्ञानिक भी हिस्सा लेंगे. एएसएल के डॉ टेरिसा टॉमस, इसरो के एस पंडियन, वीएसएससी के टी मोकिन, डीआरडीओ के डी राम, मेकॉन के एके अग्रवाल आदि प्रसिद्ध वैज्ञानिक सेमिनार में मुख्य वक्ता होंगे.
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तीसरी बार हो रहा सेमिनार
एमआईटी पुणे के बाद बीआईटी मेसरा में स्पेसक्राफ्ट पर सेमिनार आयोजन पहली बार किसी शैक्षणिक संस्थान में किया जा रहा है. इस सेमिनार का उद्देश्य छात्रों एवं शिक्षकों में स्पेसक्राफ्ट तकनीक में हो रहे बदलाव से अवगत करना है. ज्ञात हो कि इसरो के कई अंतरिक्ष अनुसंधान में बीआईटी मेसरा के छात्रों ने महत्वपूर्ण योग्यदान दिया है. इनसैट 2सी जैसे स्पेसक्राफ्ट में यहां के पूर्वर्ती छात्रों का महत्वपूर्ण योग्यदान रहा है.




